एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर विदेशों में कमाल दिखा रही है। इस फिल्म को एक के बाद एक अवॉर्ड मिलते जा रहे हैं। हाल ही में राजामौली को न्यूयॉर्क फिल्म क्रिटिक्स सर्कल की तरफ से सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दिया गया था। वहीं अब फिल्म को अटलांटा फिल्म क्रिटिक्स सर्कल (एएफसीसी) द्वारा बेस्ट इंटरनेशनल पिक्चर के रूप में सम्मानित किया गया है। इसकी घोषणा एएफसीसी ने ट्विटर पर की है। एएफसीसी ने घोषणा करते हुए राम चरण और जूनियर एनटीआर की आरआरआर का एक पोस्टर साझा किया और लिखा, 2022 के अटलांटा फिल्म क्रिटिक्स सर्कल अवॉर्ड्स ने अपनी कैटेगरी बेस्ट इंटरनेशनल पिक्चर के लिए भारतीय फिल्म आरआरआर के नाम का चयन किया है। एएफसीसी के इस ट्वीट के बाद आरआरआर के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने टीम को धन्यवाद देते हुए एएफसीसी के ट्वीट को रीट्वीट किया और लिखा, बहुत बहुत धन्यवाद ञ्च एटीएलफिल्मक्राइटिसआरआरआरमुवी। इसके तुरंत बाद आरआरआर के पोस्ट पर फैंस की प्रतिक्रिया आने लगी। लोग फिल्म को भारत में फिर से रिलीज करने की मांग कर रहे हैं। एक प्रशंसक ने लिखा, कृपया भारत में भी आरआरआर को फिर से रिलीज करें। एक अन्य यूजर ने आरआरआर को ऑस्कर के लिए पसंद नहीं करने पर अफसोस जताया और लिखा, भारत को पछतावा हो रहा होगा कि उन्होंने इस साल उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए इस फिल्म को क्यों नहीं चुना। आरआरआर न केवल कमाई के मामले में, बल्कि अवॉर्ड जीतने के मामले में भी रिकॉर्ड तोड़ती नजर आ रही है। फिल्म की कास्ट और क्रू को एससीए स्पॉटलाइट अवॉर्ड का सम्मान भी मिल चुका है। इसके अलावा आरआरआर, सैटर्न अवॉर्ड्स 2022 में बेस्ट इंटरनेशनल फिल्म का अवॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी है। आरआरआर फिल्म ने हाल ही में हुए फिलाडेल्फिया फिल्म फेस्टिवल में नैरेटिव ऑडियंस अवार्ड भी जीता था। आरआरआर की लोकप्रियता को देखते हुए माना जा रहा था कि फिल्म ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि बन सकती है। जब ऐसा नहीं हुआ, तब टीम ने फैसला किया कि वह सभी श्रेणियों के नॉमिनेशंस के लिए अपनी दावेदारी पेश करेगी। फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो आरआरआर ने दुनियाभर में 1,125 करोड़ की कमाई कर ली है। आरआरआर ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर तकरीबन 903 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। भाषा के हिसाब से फिल्म ने सबसे ज्यादा कमाई तेलुगू (428 करोड़ रुपये) में की है। वहीं हिंदी में 265 करोड़, तमिल में 58 करोड़, मलयालम में 18 करोड़ और कन्नड़ में 1.5 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।


