जबलपुर : विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना के खिलाफ “कलेक्टर हटाओ, जबलपुर बचाओ” आंदोलन का ऐलान किया है। यह आंदोलन मड़ई मस्जिद विवाद के संबंध में कलेक्टर के एकतरफा निर्णय को लेकर शुरू किया गया है। विहिप का आरोप है कि कलेक्टर ने हिंदू समाज की भावनाओं की अनदेखी करते हुए मस्जिद पक्ष में निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय हिंदू समुदाय में आक्रोश फैल गया है।
प्रेस वार्ता में विहिप के पदाधिकारियों ने कहा कि कलेक्टर का निर्णय असंवेदनशील और हिंदू विरोधी है। उन्होंने कहा, “हमारा संगठन इस निर्णय से आहत है और हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह केवल हमारी आवाज नहीं, बल्कि समस्त हिंदू समाज की आवाज है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कलेक्टर के खिलाफ उनका यह आंदोलन जनभावनाओं के सम्मान की मांग करता है। विहिप ने 14 जुलाई को मड़ई मस्जिद के विवादित स्थल से कलेक्टर की प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकालने की घोषणा की है। इसके पश्चात, 15 जुलाई को जबलपुर के सभी 41 प्रखंडों में कलेक्टर का पुतला दहन किया जाएगा। संगठन ने अपनी तीसरी कड़ी के रूप में 16 जुलाई को जबलपुर महानगर बंद का आह्वान किया है।
विहिप के एक वरिष्ठ नेता, रामकृष्ण शास्त्री ने कहा, “यह आंदोलन हिंदू संस्कृति और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए है। हम प्रशासन से आग्रह करते हैं कि वे जनभावनाओं का सम्मान करें, अन्यथा आंदोलन और उग्र हो सकता है।”
हालांकि, कुछ स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार के आंदोलनों से समाज में और अधिक तनाव पैदा होता है। स्थानीय निवासी, राधेश्याम यादव ने कहा, “हमें शांतिपूर्ण तरीके से अपने मत व्यक्त करने चाहिए। इस तरह के आंदोलन से केवल विवाद बढ़ता है।”
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।
इस आंदोलन से यह स्पष्ट होता है कि जबलपुर में धार्मिक भावनाओं के मुद्दे पर सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर असंतोष बढ़ता जा रहा है। विहिप का यह कदम न केवल स्थानीय समुदाय में एकता की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास है, बल्कि यह एक राजनीतिक संदेश भी है कि जनभावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती।


