कोलकाता में गंगा कलों को बंद करने के प्रस्ताव पर हो रहा है विचार: अग्निमित्रा पॉल
कोलकाता, 21 जून (वार्ता) पश्चिम बंगाल सरकार कोलकाता में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत अंग्रेजों के जमाने के खुले पानी के हाइड्रेंटों (दरिया कल या गंगा कल) को हमेशा के लिए बंद करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।राज्य की शहरी विकास और नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस बारे में बताया कि आज भी देश के कई गांवों में लोगों को पानी लाने के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता है। दूसरी तरफ, कोलकाता में इन खुले नलों से लगातार पानी बहता रहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सही है? उन्होंने कहा कि जब देश के कई हिस्सों में पीने के पानी की भारी किल्लत है, तब कोलकाता के सैकड़ों सार्वजनिक नलों से चौबीसों घंटे पानी बहने देना बिल्कुल भी सही नहीं ठहराया जा सकता।सुश्री पॉल ने स्पष्ट किया कि सरकार पूरे शहर में ऐसे सभी खुले नलों को बंद करना चाहती है ताकि पानी की एक-एक बूंद को बचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस नियम को जबरन लागू करने के लिए हम लोगों पर जुर्माना लगाने का रास्ता भी चुन सकते थे, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे। इसके बजाय हम सीधे इन खुले नलों को ही बंद कर देंगे, क्योंकि ये नल शहर में पानी की बर्बादी का एक बहुत बड़ा कारण हैं।इतिहासकारों का मानना है कि आज के दरिया कल उन्हीं पुरानी ‘नहरों’ का बदला हुआ रूप हैं। इनमें से कुछ पुराने हाइड्रेंट तो शेर के मुंह के आकार के बने हुए थे। यह उस दौर की याद दिलाते हैं जब कोलकाता की सड़कों को धोने, बग्घी खींचने वाले घोड़ों को पानी पिलाने और आग बुझाने के लिए इस पानी का इस्तेमाल किया जाता था।जहां एक तरफ पर्यावरण और जल संरक्षण से जुड़े लोग इन नलों से रोज बहने वाले लाखों लीटर पानी पर चिंता जताते रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन्हें बंद करने से पहले उन हजारों लाचार लोगों के लिए पानी की कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था जरूर की जानी चाहिए जो पूरी तरह इसी पर निर्भर हैं।
चेन्नई के पास झींगा प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस का रिसाव, सात श्रमिकों की मौत, 60 से अधिक बेहोश
चेन्नई, 21 जून (वार्ता) तमिलनाडु के जिले तिरुवल्लूर में पेरियापालयम के पास एक निजी झींगा मछली प्रसंस्करण केंद्र में रविवार दोपहर अमोनिया गैस के रिसाव की घटना में सात श्रमिकों की मौत हो गई और 60 से अधिक अन्य लोग बेहोश हो गए।यहाँ मिली खबरों के अनुसार, अत्यधिक जहरीली गैस के सांस के जरिए शरीर में चले जाने से दम घुटने के कारण श्रमिक बेहोश हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए दो निजी अस्पतालों में ले जाया गया, जहाँ सभी सात श्रमिकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी मरने वाले उत्तर एवं पूर्वी भारत के रहने वाले थे। गैस के अत्यधिक अंदर चले जाने के कारण फेफड़ों का फूल जाना ही मौत का कारण माना जा रहा है।इससे पहले सेंटी पीटर एंड पॉल सीफूड एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में गैस रिसाव की खबर मिलते ही वहाँ हड़कंप मच गया। खबरों के मुताबिक, पास के सभी अस्पतालों से बुलाई गई एम्बुलेंस के जरिए 60 से अधिक श्रमिकों को निजी अस्पतालों में ले जाया गया।
महासमुंद में बाल श्रम के लिए ले जाए जा रहे छह नाबालिग मुक्त
महासमुंद, 21 जून (वार्ता) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बाल श्रम के लिए ले जाए जा रहे छह नाबालिग बच्चों को आज मुक्त कराया गया।राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई शुरू की गई है।आधिकारिक जानकारी के अनुसार आयोग की अध्यक्ष डॉ. शर्मा जिले के प्रवास पर थीं। इस दौरान तुमगांव क्षेत्र में उन्होंने एक पिकअप वाहन में कुछ नाबालिग बच्चों को ले जाते हुए देखा। संदेह होने पर वाहन को रुकवाकर जांच कराई गई, जिसमें छह नाबालिग बच्चों को कथित रूप से बैंड पार्टी के कार्य के लिए ले जाया जाना पाया गया।इसके बाद बच्चों का तत्काल रेस्क्यू कर उन्हें तुमगांव थाना भेजा गया। प्रारंभिक जांच में बाल श्रम से जुड़े पहलुओं के सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
फतेहाबाद सदर थाने के मालखाने से 160 पेटी शराब गायब, एसएचओ पर मामला दर्ज
सिरसा, 20 जून (वार्ता) हरियाणा में सिरसा के फतेहाबाद जिले के सदर थाना मालखाने से 160 पेटी शराब गायब होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।मामले की जांच के बाद पूरे थाने का स्टाफ बदल दिया गया है और 48 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। रतिया सदर थाना प्रभारी प्रह्लाद राय को फतेहाबाद सदर थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।मामले की शिकायत पुलिस महानिरीक्षक, हिसार कार्यालय तक पहुंचने के बाद जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिव्यांशी सिंगला को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मालखाने के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक के मिलान में 160 पेटी शराब कम पाई गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने कार्रवाई के आदेश दिए।एसआईटी मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है और जल्द अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपेगी।
संजय राउत ने बागी सांसदों के ठाकरे गुट के संपर्क में होने का किया दावा
मुंबई, 21 जून (वार्ता) शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने रविवार को अलग समूह बनाने की कोशिश करने वाले छह बागी सांसदों के ठाकरे गुट के संपर्क में होने का दावा करते हुए संवाददाताओं को बताया कि इन्होंने पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है इसलिए वे तकनीकी रूप से अभी भी हमारी पार्टी के सदस्य हैं।
गौरतलब है कि श्री राउत का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है कि बागी सांसद आखिरकार श्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। शिंदे गुट ने इस घटनाक्रम को एक ओर जहां सफल ‘ऑपरेशन टाइगर’ बताया है, वहीं दूसरी ओर श्री राउत ने हालात के अभी नहीं सुलझने की बात कही है।
श्री राउत ने यह भी बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अभी तक बागियों की अलग समूह के तौर पर पहचान के आवेदन पर कोई फैसला नहीं लिया है, जिसका मतलब है कि वे तकनीकी तौर पर पार्टी का हिस्सा बने रहेंगे।
जदयू राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नीतीश के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर औपचारिक मुहर लगी,
पटना, 21 जून (वार्ता) जनता दल यूनाइटेड (जदयू) राष्ट्रीय परिषद ने नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये जाने पर औपचारिक मुहर लगा दी है, साथ हीं सभी वरिष्ठ नेताओं ने एक स्वर से कहा कि निशांत के आने से पार्टी संगठन को मजबूती मिली है।जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवददाता सम्मेलन में इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिषद एवं राज्य परिषद की बैठक में पार्टी की विचारधारा, संगठन और रोजमर्रा के कार्यांवयन से संबधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये।श्री प्रसाद ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय परिषद ने नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर औपचारिक मुहर लगा दी है और इसके साथ ही उन्हें जदयू ट्रस्ट से जुड़े मामलों के संचालन एवं फैसले लेने के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी से संविधान में भी समय पर आवश्यकता के अनुसार संशोधन का अधिकार भी राष्ट्रीय परिषद, राष्ट्रीय अध्यक्ष को देती है।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के विनम्र तरीके, राजनीतिक सुचिता और सुगम सत्ता हस्तांतरण के तरीके की तारीफ की गई और कहा गया कि ऐसा करते हुये श्री कुमार ने राजनीति में एक बड़ी मिशाल पेश की।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि परिषद की बैठक में अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे जैसे अमेरिका- इराक युद्ध विराम तथा नेपाल के साथ द्विपक्षीय बातचीत की भी चर्चा हुई और इस संबंध में केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना की गई।


