Jabalpur News Today – नगर निगम महापौर जगत बहादुर सिंह “अन्नू” ने आज राजस्व वसूली अभियान की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि करों की गणना और वसूली प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना आवश्यक है, ताकि करदाताओं को अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन करने में कोई कठिनाई न हो।
बैठक में राजस्व प्रभारी डॉ. सुभाष तिवारी, अपर आयुक्त श्रीमती अंजू सिंह ठाकुर और सभी राजस्व निरीक्षक उपस्थित थे। महापौर ने इस अवसर पर कहा, “नगर निगम केवल एक सरकारी संस्था नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के विकास और उनकी सुविधा के लिए काम करने वाली संस्था है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि करदाताओं को उनकी कर संबंधी सभी जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके।”
महापौर ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व कर्मचारी एक सप्ताह के भीतर सही-सही जानकारी एकत्रित करें और संबंधित करदाताओं से संपर्क कर उन्हें शहर विकास के लिए करों की राशि निगम में जमा करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी है कि हम नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करें।”
महापौर ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई राजस्व कर्मचारी वसूली के कार्यों में लापरवाही करता है, तो उसे विभाग से हटाकर अन्य विभागों में पदस्थ किया जाएगा और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश स्पष्ट करता है कि नगर निगम में अनुशासन और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
राजस्व प्रभारी डॉ. सुभाष तिवारी ने कहा, “महापौर के निर्देशों का पालन करते हुए हम पूरी कोशिश करेंगे कि बकाया करों की राशि 60 दिन के अंदर निगम कोष में जमा हो जाए। यह हमारे शहर के विकास के लिए आवश्यक है।”
इस बैठक में चर्चा के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि नगर निगम को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफार्म पर करों की वसूली बढ़ाने की आवश्यकता है। महापौर ने कहा, “यदि हम तकनीक का सही उपयोग करें, तो यह न केवल हमारी प्रक्रियाओं को आसान बनाएगा, बल्कि नागरिकों के लिए भी सुविधाजनक होगा।”


