जबलपुर। मदन महल क्षेत्र स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित खरे पर एक युवक ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शाहपुरा भिटोनी निवासी करण मल्लाह ने आरोप लगाया है कि उनकी मारुति वैन का कथित रूप से फर्जी दुर्घटना प्रकरण में दुरुपयोग किया गया है और इस पूरे मामले में उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
करण मल्लाह ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी मारुति वैन क्रमांक एमपी 20 बीए 6728 पिछले करीब छह माह से कुण्डम थाना परिसर में खड़ी है। उन्होंने कई बार वाहन वापस पाने के लिए आवेदन दिए, लेकिन अब तक उनकी गाड़ी उन्हें नहीं सौंपी गई। युवक का आरोप है कि उनकी वैन को एक फर्जी एक्सीडेंट केस में जबरन शामिल कर लिया गया और वाहन को क्षतिग्रस्त दिखाकर झूठा प्रकरण दर्ज कराने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने 10 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई, उसके बाद कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उनके घर पहुंचे और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने बताया कि इन लोगों द्वारा उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे उन्हें किसी भी समय हमले की आशंका बनी हुई है।
करण मल्लाह ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उनकी गाड़ी को शीघ्र वापस दिलाया जाए और साथ ही उन्हें तथा उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उनका परिवार मानसिक तनाव में है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। उन्होंने कहा कि एक पुराने एक्सीडेंट और उससे जुड़े घायल व्यक्ति के मामले में पीड़ित को कुण्डम ले जाया गया था, जहां उसकी वैन को जबरन क्षतिग्रस्त कर फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि यदि वाहन किसी वैध प्रकरण में जब्त है तो इसकी पूरी जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाए, और यदि वाहन बिना किसी ठोस कारण के थाने में खड़ा है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने पीड़ित का आवेदन जांच के लिए कुण्डम थाना प्रभारी को भेज दिया है और आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


