जबलपुर। दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में घिरे श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी के अचानक गायब हो जाने से शहर में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि उत्तम स्वामी 9 फरवरी से जबलपुर में था और यहां 10 एकड़ में फैले अपने आश्रम में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन कर रहा था। यह कथा 9 फरवरी से 15 फरवरी तक प्रस्तावित थी।
उत्तम स्वामी का आश्रम भेड़ाघाट के हीरापुर क्षेत्र में स्थित है, जहां कथा तो लगातार जारी है, लेकिन बाबा का कहीं कोई पता नहीं है। शुक्रवार को अचानक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया, जब उत्तम स्वामी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। उसी दिन कथा तय समय से काफी देर से शुरू हुई और बाबा व्यासपीठ पर नजर नहीं आए। उनकी जगह उनके एक शिष्य ने कथा का वाचन किया।
शुक्रवार रात से ही उत्तम स्वामी के लापता होने की चर्चा तेज हो गई। शनिवार को भी स्थिति जस की तस रही और शिष्य ने ही कथा जारी रखी। इस दौरान बड़ी संख्या में अनुयायी और मीडिया कर्मी बाबा से मिलने की कोशिश करते रहे, लेकिन शिष्यों ने किसी को भी उनसे मिलने नहीं दिया। शिष्य लगातार यही कहते रहे कि बाबा की तबीयत ठीक नहीं है और वे आराम कर रहे हैं।
हालांकि, विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार दुष्कर्म का आरोपी महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी चुपचाप जबलपुर छोड़ चुका है। आशंका जताई जा रही है कि वह हवाई मार्ग के जरिए किसी दूसरे शहर पहुंच गया है और वहां से विदेश भागने की फिराक में है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस कमरे में बाबा के होने की बात कही जा रही थी, उसके बाहर न केवल श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी हुई है, बल्कि पुलिस बल भी तैनात है। कमरे के बाहर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बाबा का अंदर न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोग इसे “बाहर पुलिस, अंदर हो गया खेल” जैसी स्थिति बता रहे हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और उत्तम स्वामी की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। अगर वह वास्तव में शहर से फरार हो चुका है, तो यह कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है कि इतने बड़े आयोजन और पुलिस निगरानी के बीच आरोपी कैसे गायब हो गया।


