जबलपुर। राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि की कार को पीछे से टक्कर मारने वाले युवक को रांझी पुलिस ने 1 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी घटना के बाद करीब नौ दिनों तक पुलिस से बचता रहा।
शादी समारोह से लौटते समय हुआ हादसा
20 फरवरी की रात लगभग 11 बजे सुमित्रा वाल्मीकि अपनी कार (MP20-ZE-7788) से गनमैन और पीए के साथ अंधमूक बाइपास से रांझी स्थित निवास लौट रही थीं। रात करीब साढ़े 11 बजे गोकलपुर के पास पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक सफेद कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर से वाहन क्षतिग्रस्त हुआ, हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
टक्कर के बाद बिगड़ी तबीयत
हादसे में जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना के बाद सांसद की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई। उनके ड्राइवर विलास सेन की शिकायत पर रांझी थाना पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया।
40 से अधिक सीसीटीवी खंगाले
पुलिस ने गोकलपुर से रांझी मार्ग तक लगभग 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तेज रफ्तार के कारण वाहन का नंबर स्पष्ट नहीं हो सका, लेकिन कार पर लगे “पुलिस” लिखे स्टीकर से जांच को अहम सुराग मिला।
घर पर छिपाकर रखी थी कार
रविवार शाम सूचना मिली कि मनमोहन नगर, बड़ा पत्थर क्षेत्र में एक सफेद कार खड़ी है, जिस पर पुलिस का स्टीकर लगा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया।
आरोपी की पहचान मनीष धनधारिया के रूप में
जांच में वाहन मालिक की पहचान मनीष धनधारिया के रूप में हुई, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि 20 फरवरी की रात सीनियर स्टाफ क्लब की पार्टी से लौटते समय गोकलपुर के पास उसकी कार की टक्कर सांसद की गाड़ी से हुई थी। घबराहट के कारण वह मौके से चला गया और कार को घर पर ढककर खड़ा कर दिया।
पिता SAF में हेड कॉन्स्टेबल
थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी के अनुसार आरोपी के पिता एसएएफ बटालियन में हेड कॉन्स्टेबल हैं। प्रारंभिक जांच में आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
पुलिस ने वाहन जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर सीएसपी और थाना प्रभारी को आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे।


