अमरावती, 11 मार्च । आंध्र प्रदेश में विकास और निवेश को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मंगलवार को आईटी एवं मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी और उनकी पार्टी वाईएसआरसीपी पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने विशाखापत्तनम में प्रस्तावित गूगल एआई हब और डेटा सेंटर निवेश के खिलाफ दायर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (पीआईएल) को राज्य के युवाओं और विकास के खिलाफ साजिश करार दिया।
यह पीआईएल वाईएसआरसीपी के सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में दायर की है। लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि जगन मोहन रेड्डी लगातार राज्य में विकास की पहलों का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने अमरावती कैपिटल प्रोजेक्ट का विरोध किया, पावर कॉन्ट्रैक्ट रद्द किए और रोजगार सृजन करने वाले आईटी प्रोजेक्ट्स के खिलाफ केस दायर करवाए। अब गूगल एआई हब के खिलाफ यह नया पीआईएल पार्टी की ‘एंटी-डेवलपमेंट’ और ‘एंटी-यूथ’ नीति को उजागर करता है।
लोकेश ने गूगल एआई हब को भारत में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) बताया। गूगल ने अक्टूबर 2025 में घोषणा की थी कि वह विशाखापत्तनम में लगभग 15 अरब डॉलर (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए) का निवेश करेगा। यह निवेश 2026-2030 के बीच होगा और इसमें गीगावॉट स्केल का डेटा सेंटर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, नई सबसी कैबल लैंडिंग और क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट शामिल हैं।
यह भारत का पहला एआई हब होगा, जो ग्लोबल स्तर पर गूगल का सबसे बड़ा निवेश (अमेरिका के बाहर) माना जा रहा है। कंपनी के क्लाउड सीईओ थॉमस कुरियन और गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने इसे भारत की डिजिटल क्रांति और ‘विकसित भारत 2047’ के अनुरूप बताया है।


