जबलपुर। गोल बाजार क्षेत्र में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान एक परिवार का आशियाना ढहा दिए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है और न्याय की गुहार लगा रहा है।
पीड़ित साध्वी भगवती प्रिया ने आरोप लगाया कि उनका परिवार पिछले 105 वर्षों से उक्त स्थान पर रह रहा था और उनके पास बिजली बिल, टैक्स रसीद सहित अन्य वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के अचानक नगर निगम की टीम पहुंची और मकान को जमींदोज कर दिया।
परिवार का कहना है कि कार्रवाई के दौरान घर में रखा कीमती सामान, जेवरात और मंदिर में स्थापित मूर्तियां व धार्मिक ग्रंथ भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे उनकी आस्था और वर्षों की पूंजी दोनों को नुकसान पहुंचा है।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया। उनका दावा है कि उनके बीमार पिता, जो हाल ही में ऑपरेशन से गुजरे हैं, उन्हें भी राहत नहीं दी गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों को थाने ले जाया गया।
परिवार का कहना है कि उन्हें पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से मकान बनाए रखने की अनुमति मिली थी, बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई की। अब पीड़ित परिवार न्याय के लिए प्रशासन और शासन से गुहार लगा रहा है।
हालांकि, इस मामले में नगर निगम की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


