मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक नवजात बच्ची को जन्म के करीब दो घंटे के भीतर उसकी मां ने 20 फुट गहरे सूखे बोरवेल में फेंक दिया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने तुरंत सूचना दी, जिसके बाद उसे जीवित बाहर निकाला गया। पुलिस ने मामले में 22 वर्षीय मां को गिरफ्तार कर लिया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, बच्ची के सूखे कुएं में गिरने के बावजूद उसका जीवित बच जाना सभी को चौंकाने वाला रहा। बचाव के बाद नवजात को चिकित्सा देखरेख में भेजा गया, जहां उसे सुरक्षित बताया गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कृत्य के पीछे सामाजिक, पारिवारिक या अन्य कौन-सी परिस्थितियां थीं।
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कन्या शिशु के प्रति सामाजिक दृष्टि, मातृ-सहायता तंत्र और संकटग्रस्त महिलाओं तक समय रहते सहायता पहुंचाने की आवश्यकता पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। यह अंतिम निष्कर्ष नहीं, बल्कि उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर उभरती सामाजिक चिंता है।


