May 3, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

जल संरक्षण की दिशा में मलाजखंड बना मिसाल — ‘कैच द रेन’ अभियान से मिलेगा जल संकट से स्थायी समाधान


जल संकट जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए नगर पालिका परिषद मलाजखंड ने एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल करते हुए ‘कैच द रेन’ अभियान को जन-आंदोलन का रूप देना शुरू कर दिया है। जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर में तेजी से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में पानी की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नगर पालिका परिषद द्वारा अपने सभी आवासीय भवनों और तीन मंजिला कार्यालय भवन को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग युक्त बना दिया गया है। इसके साथ ही नगर के दो सामुदायिक भवनों में भी यह आधुनिक सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किया जा चुका है, जो जल संरक्षण के प्रति प्रशासन की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आम जनता से घर-घर जल संरक्षण अपनाने की अपील

मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश बाघमारे ने सभी नगरवासियों से जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए अपने-अपने घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की अपील की है।उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण कर हम न केवल वर्तमान जल संकट से राहत पा सकते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पानी की अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि “हर घर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग” की पहल से नगर में भूजल स्तर में सुधार होगा और जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

20 दिनों में 75 भवन जुड़े अभियान से

सीएमओ दिनेश बाघमारे ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर परिषद की कॉलोनी में कुल 30 आवास हैं, जिनमें से 26 पक्की छत वाले मकानों में जल संरक्षण की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। साथ ही पिछले मात्र 20 दिनों में 75 निजी एवं शासकीय भवनों को इस अभियान से जोड़ा गया है, जो नगर में जल संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता और प्रशासन की सक्रियता का प्रमाण है। नगर में जल्द से जल्द सभी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सभी नवनिर्मित घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य किया जा चुका है।

हर बूंद की सुरक्षा का संकल्प — भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल

लगभग 7000 मकानों और भवनों वाले इस नगर में करीब 2000 से 2500 स्थान ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आसानी से लगाया जा सकता है। नगर पालिका परिषद का लक्ष्य है कि आने वाले समय में नगर के सभी शासकीय, अर्धशासकीय और निजी भवनों को ‘कैच द रेन’ अभियान से जोड़ा जाए, ताकि “हर बूंद की सुरक्षा” सुनिश्चित हो सके और भूजल स्तर में निरंतर सुधार हो। सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता के माध्यम से अब जल संरक्षण को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जा रहा है, जो नगर के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।

कम लागत में बड़ा लाभ: सरल और प्रभावी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

विशेषज्ञों के अनुसार, एक आदर्श रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए: 3 से 5 फीट चौड़ा 5 से 10 फीट गहरा गड्ढा पर्याप्त होता है। इस गड्ढे में नीचे मोटे पत्थर (कंकर), बीच में मध्यम आकार के पत्थर और ऊपर बारीक रेत या बजरी की परतें बनाकर वर्षा जल को पाइप के माध्यम से इसमें जोड़ा जाता है, जिससे पानी जमीन में समाहित होकर भूजल स्तर बढ़ाने में मदद करता है।

खनिज नगरी से जल संरक्षण की नई पहचान की ओर अग्रसर मलाजखंड

विश्व में खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध मलाजखंड अब जल संरक्षण के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगर पालिका परिषद द्वारा शुरू की गई यह पहल न केवल वर्तमान जल संकट का समाधान करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी की अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

वाल पेंटिंग के माध्यम से नगर वासियों को किया जा रहा है जागरूक

नगर पालिका परिषद मलाजखंड द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर आकर्षक वाल पेंटिंग बनाकर स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति नगर वासियों को जागरूक किया जा रहा है। रंग-बिरंगे संदेशों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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