जबलपुर। पनागर थाना क्षेत्र में सूने मकान में हुई नकबजनी की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के करीब 5 लाख रुपये मूल्य के जेवर भी बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसी के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेंद्र सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक अधारताल राजेश्वरी कौरव के मार्गदर्शन में थाना पनागर प्रभारी विपिन बिहारी सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
घटना 27-28 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात की है, जब सुभाष वार्ड निवासी गणेश प्रसाद लोधी अपने घर पर ताला लगाकर बाहर गए हुए थे। सुबह पड़ोसी ने सूचना दी कि घर के ताले टूटे पड़े हैं। मौके पर पहुंचकर देखा गया कि घर के दरवाजों के ताले तोड़कर अलमारी से सोने-चांदी के जेवर और 25 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए थे। इस पर थाना पनागर में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों को सक्रिय किया। इसके आधार पर पनागर और गोहलपुर क्षेत्र में दबिश देकर किशन कुशवाह उर्फ बब्बा, शिवा कुशवाह, गुलाम मुस्तफा उर्फ गोपी और आरिफ अंसारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में चारों ने चोरी की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने आपस में जेवर बांट लिए थे। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के जेवर बरामद कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी गुलाम मुस्तफा और आरिफ अंसारी पूर्व में भी लार्डगंज क्षेत्र में ज्वेलरी शॉप में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये की बड़ी नकबजनी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं, जिसमें उन्हें गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में सोना और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। वहीं किशन कुशवाहा पर हत्या, लूट, चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित लगभग 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2017 में उसने मझगवां क्षेत्र में चोरी के दौरान एक व्यक्ति की हत्या भी की थी।
इस पूरी कार्रवाई में थाना पनागर पुलिस टीम के उपनिरीक्षक बृजेश मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक वीरेन्द्र सिंह, राम सनेही, रजनीश भदौरिया तथा आरक्षक द्वारका मिश्रा और रत्नेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


