जबलपुर। कांचघर क्षेत्र से जुड़े एक विवादित मामले में भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस ठाकुर का नाम सामने आने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक महिला, जिसे दुष्कर्म पीड़िता बताया जा रहा है, ने जीएस ठाकुर पर आरोपी का साथ देने और उस पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के बाद शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
जीएस ठाकुर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक रंजिश करार दिया है। उनका कहना है कि उन्हें सुनियोजित तरीके से झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है और यह पूरा घटनाक्रम एक साजिश का हिस्सा है। वहीं मामले में नाम सामने आने वाले साईं पिल्ले ने भी पत्रकारवार्ता के माध्यम से अपनी सफाई दी है।
इसी बीच जीएस ठाकुर के समर्थन में राजपूत समाज खुलकर सामने आ गया है। समाज के लोगों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि एक अधिवक्ता अपने पक्षकार का कानूनी रूप से पक्ष रखता है, लेकिन इस प्रक्रिया को व्यक्तिगत हमलों का रूप देना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला और कुछ आपराधिक तत्व मिलकर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे जीएस ठाकुर की छवि धूमिल हो रही है।
राजपूत समाज ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आरोप झूठे पाए जाते हैं तो संबंधित महिला के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के बीच उलझा हुआ है और इसकी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।


