महाभिषेक, पुष्प श्रृंगार और 56 भोग के साथ मनाया गया शनि प्राकट्य महोत्सव
जबलपुर। शनि जयंती एवं वर्ष की पहली शनिश्चरी अमावस्या के शुभ अवसर पर तिलवारा घाट स्थित प्राचीन शनिधाम मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। शनि प्राकट्य महोत्सव के तहत भगवान शनिदेव का आकर्षक पुष्प श्रृंगार, महाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर परिसर में सुबह से देर रात तक धार्मिक आयोजन और भक्ति संगीत की धूम रही।
भगवान शनिदेव का सहस्त्र कमल, मोगरा, रजनीगंधा, आक, केवड़ा और गुलाब के फूलों से मनमोहक श्रृंगार किया गया। इसके बाद अगर, चंदन, तेल और सुगंधित इत्र से विधिवत शनि महाभिषेक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान श्रीरामचरितमानस पाठ का विश्राम भी किया गया।
मथुरा-वृंदावन से आए महाराज द्वारा तैयार किए गए 56 प्रकार के विशेष भोग भगवान शनिदेव को अर्पित किए गए। साथ ही फूलों और फलों से सहस्त्रनाम सहस्त्रार्चन कर दिव्य महाआरती की गई।
पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सरसों तेल से बने कढ़ी-चावल, पूरी-सब्जी, खीर, खिचड़ी सहित अनेक व्यंजन परोसे गए। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
रात्रि में प्रसिद्ध भजन गायक दीपक मेहता एवं अन्य कलाकारों ने संगीतमय शनि गाथा प्रस्तुत कर भक्तों को भावविभोर कर दिया। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे।
मंदिर व्यवस्थापक पंडित सतीश तिवारी ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार शनि जयंती भरणी एवं कृतिका नक्षत्र, बुधादित्य योग और केदार योग के शुभ संयोग में मनाई गई। श्रद्धालुओं ने शनि की साढ़ेसाती और अन्य ग्रह पीड़ाओं से मुक्ति की कामना करते हुए काले तिल, खील, नींबू, तेल और सुगंधित इत्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर नर्मदा घाटों में भी श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान कर धर्मलाभ अर्जित किया। मंदिर में पं. सतीश तिवारी, पं. अनिल मिश्रा, नितिन शर्मा, भगवान दास चौरसिया, विध्येश भापकर, नितिन भाटिया, संजय तिवारी, शुभम तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सेवादार उपस्थित रहे।


