नगर निगम में लापरवाह कर्मचारियों पर रखी जा रही नजर
जबलपुर। नगर निगम में कर्मचारियों की मनमानी और कार्यालय समय में अनुपस्थित रहने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। फील्ड वर्क का बहाना बनाकर घंटों कार्यालय से गायब रहने वाले कर्मचारियों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इतना ही नहीं, संबंधित विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नई प्रणाली के तहत यदि कोई कर्मचारी कार्यालयीन समय में बिना सूचना के अनुपस्थित पाया जाता है, तो संबंधित विभाग के ऑफिस हेड या कार्यालय प्रमुख को जवाबदेह माना जाएगा। कर्मचारियों की उपस्थिति की मासिक रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
उपस्थिति के अनुसार ही बनेगा वेतन
नगर निगम में अब कर्मचारियों की उपस्थिति आधार सक्षम बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एबीएएस) के माध्यम से दर्ज की जाएगी। सभी कर्मचारियों के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि कोई कर्मचारी सिस्टम में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करता है, तो उसे अनुपस्थित माना जाएगा और इसका सीधा असर उसके वेतन पर पड़ेगा।
प्रशासन के अनुसार जब तक विभागीय पोर्टल पर कर्मचारी की उपस्थिति का डाटा अपडेट नहीं होगा, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
खत्म होगा फर्जी हाजिरी का खेल
अब तक नगर निगम में उपस्थिति दर्ज करने के लिए हाजिरी रजिस्टर की व्यवस्था लागू थी, जिसमें फर्जी उपस्थिति की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और अपने कार्य का विवरण नियमित रूप से दें।
नई तकनीक के तहत फिंगर प्रिंट, आंख की पुतली और चेहरे की पहचान के माध्यम से उपस्थिति दर्ज होगी। इससे फर्जी हाजिरी की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी और कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।


