Lप्रभावशाली लोगों को बचाने, आम नागरिक को फंसाने’ का आरोप, गरमाया पोल विवाद*
बरघाट(सिवनी)/11 केवी पोल शिफ्टिंग में बड़ा खेल? घर के सामने खंभा गाड़ने पर भड़के व्यापारी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार,”45 फीट जगह छोड़ घर के सामने खंभा क्यों?” बरघाट में पोल शिफ्टिंग को लेकर बड़ा विवाद, नगर परिषद बरघाट द्वारा नगर में चल रहे डिवाइडर रोड निर्माण और विद्युत लाइन शिफ्टिंग कार्य के बीच अब नया विवाद खड़ा हो गया है, वार्ड क्रमांक 8 निवासी अमित गुप्ता ने जिला कलेक्टर सिवनी को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि नगर परिषद और संबंधित ठेकेदारों ने नियमों को दरकिनार कर उनके घर के ठीक सामने 11 केवी का विद्युत पोल खड़ा कर दिया है, जिससे उनके परिवार की सुरक्षा और आवागमन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
*कलेक्टर को भेजा शिकायत पत्र, लगाए गंभीर आरोप*
अमित गुप्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि बरघाट नगर में वर्तमान में डिवाइडर युक्त सड़क निर्माण के साथ विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य चल रहा है, लेकिन इस पूरे कार्य में निर्धारित मापदंडों और तकनीकी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा, शिकायतकर्ता का आरोप है कि जहां रोड वाइडनिंग और डिवाइडर के बीच लगभग 45 फीट तक पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, वहां पोल लगाने के बजाय अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा मनमाने ढंग से खंभे स्थापित किए जा रहे हैं।
*”कहीं 20 फीट, कहीं 25 फीट, कहीं 30 फीट पर खंभे”*
शिकायत में दावा किया गया है कि पूरे नगर में पोल शिफ्टिंग का कोई एक समान मापदंड दिखाई नहीं दे रहा, कहीं 20 फीट, कहीं 25 फीट और कहीं 30 फीट की दूरी पर खंभे लगाए जा रहे हैं। इससे निर्माण कार्य और यातायात व्यवस्था दोनों प्रभावित होने की आशंका जताईगई है शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार अपनी सुविधा के अनुसार निर्णय ले रहे हैं।
*घर के सामने हाई वोल्टेज पोल से परिवार में डर*
अमित गुप्ता का कहना है कि उनके घर के ठीक सामने लगाया गया विद्युत पोल भविष्य में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, घर के सामने हाई वोल्टेज लाइन होने से परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है, उन्होंने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और परिवार के अन्य लोगों को हर समय अनहोनी का डर बना हुआ है।
*”पड़ोसी के बीच लगना था पोल, लेकिन प्रभाव में आकर बदली जगह”*
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि विद्युत पोल उनके और पड़ोसी के बीच लगाया जाना चाहिए था, लेकिन कुछ कर्मचारियों और ठेकेदारों ने कथित रूप से किसी के प्रभाव में आकर पोल की स्थिति बदल दी, शिकायतकर्ता ने इसे पक्षपातपूर्ण और नियम विरुद्ध कार्रवाई बताया है।
*नगर में छिड़ी नई बहस, विपक्ष को मिला मुद्दा*
पोल शिफ्टिंग को लेकर उठे इस विवाद ने नगर की राजनीति और जनचर्चाओं को भी गर्मा दिया है। लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि यदि वास्तव में रोड चौड़ी करण और डिवाइडर निर्माण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध था, तो फिर आवासीय क्षेत्र के सामने विद्युत पोल लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी, कई नागरिक अब पूरे पोल शिफ्टिंग कार्य की तकनीकी जांच की मांग कर रहे हैं।
*कलेक्टर से जांच और पोल हटाने की मांग*
शिकायतकर्ता ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि नगर परिषद बरघाट द्वारा कराए जा रहे पोल शिफ्टिंग कार्य की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही उनके घर के सामने लगाए गए विद्युत पोल को हटाकर नियमानुसार सुरक्षित और उचित स्थान पर स्थापित करने के निर्देश दिए जाएं।
*जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई*
फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है और संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं यदि जांच होती है तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि पोल शिफ्टिंग तकनीकी मानकों के अनुसारकी गई है या फिर शिकायत कर्ता के आरोपों में कितना दम है।


