जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सोमवार को कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने लोक भवन में मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट कर उन्हें दीक्षांत समारोह का औपचारिक निमंत्रण सौंपा।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समारोह में शामिल होने की अपनी सहमति दे चुके हैं। वहीं, 21 जून को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की भी पुष्टि हो चुकी है, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया है।
तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा
दीक्षांत समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सिटी) आयुष घाकड़, अपर संचालक कोष एवं लेखा रोहित सिंह कौशल सहित अन्य अधिकारियों ने विश्वविद्यालय पहुंचकर प्रभारी कुलगुरु प्रो. राकेश बाजपेयी, मुख्य संयोजक प्रो. एस.एस. संधू, कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल तथा विभिन्न समितियों के संयोजकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, मंच संचालन, यातायात, अतिथि सत्कार, प्रोटोकॉल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रोटोकॉल के अनुरूप हो रही व्यवस्थाएं
आयोजन समिति के संयोजक प्रो. एस.एस. संधू एवं प्रभारी कुलगुरु प्रो. राकेश बाजपेयी ने बताया कि राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को औपचारिक निमंत्रण भेजे जा चुके हैं तथा उनकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। उनके आगमन को देखते हुए सुरक्षा, मंच, आतिथ्य एवं प्रोटोकॉल संबंधी सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल ने बताया कि समारोह में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के आगमन, पंजीयन एवं किट वितरण की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। स्वर्ण पदक विजेताओं एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को समारोह से पूर्व ही उनके पहचान-पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आयोजन के दिन व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
इसके अलावा विशिष्ट अतिथियों के आवास एवं आतिथ्य की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। सर्किट हाउस सहित अन्य उपयुक्त स्थलों पर ठहरने की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन समिति ने आमंत्रित अतिथियों की सूची, स्वागत-सत्कार एवं प्रोटोकॉल संबंधी सभी व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया।


