जबलपुर। कलेक्ट्रेट में एक मां और उसकी दो बेटियों द्वारा कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के समक्ष न्याय की गुहार लगाने का मामला अब प्रशासन की गंभीर निगरानी में है। पड़ोसियों द्वारा मारपीट और उत्पीड़न की शिकायत लेकर पहुंची महिला अपनी बेटियों के साथ भावुक होकर कलेक्टर के पैरों में गिर गई थी। पीड़ित परिवार में एक नाबालिग दिव्यांग बेटी भी शामिल है।
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए पुलिस से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और विभिन्न मामलों में पहले से 6 से 7 एफआईआर दर्ज हैं। प्रारंभिक शिकायत में छेड़छाड़ सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिनकी जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता पूजा दुबे, उनके पति रामचरण और दोनों बेटियों के साथ पड़ोसी भगवती बैन तथा उनके बेटों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत क्रिकेट खेलने को लेकर हुए विवाद से हुई थी, जो बाद में गंभीर रूप ले गया।
कलेक्टर ने केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में भी पहल की है। उन्होंने पैरा लीगल वालंटियर्स के माध्यम से दोनों परिवारों के बीच कानूनी मध्यस्थता (मेडिएशन) और काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि लंबे समय से चले आ रहे विवाद का शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान निकल सके।
प्रशासन का मानना है कि कानूनी प्रक्रिया के साथ संवाद और परामर्श की पहल से दोनों परिवारों के बीच तनाव कम होगा तथा पीड़ित परिवार को दीर्घकालिक राहत मिल सकेगी।


