जबलपुर। भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में “संस्कारवान चिकित्सक: सेवा, संवेदना और राष्ट्र निर्माण” विषय पर व्याख्यान का आयोजन मेडिकल कॉलेज के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा में भारतीय जीवन मूल्यों, सेवा भावना, नैतिकता तथा राष्ट्र निर्माण में चिकित्सकों की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि भारतीय चिकित्सा परंपरा सेवा, करुणा और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक का दायित्व केवल रोगों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, विश्वास और मानवीय मूल्यों का संवाहक बनना भी है। उन्होंने नई शिक्षा नीति और भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप चिकित्सा शिक्षा में भारतीय दृष्टिकोण को अपनाने पर बल देते हुए विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज सेवा एवं राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने व्याख्यान की अध्यक्षता करते हुए कहा कि एक आदर्श चिकित्सक में चिकित्सकीय दक्षता के साथ संवेदनशीलता, नैतिकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से चिकित्सा को सेवा का माध्यम मानकर कार्य करने की प्रेरणा दी। डॉ. नीलेश पांडेय ने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के उद्देश्यों एवं भारतीय शिक्षा के पुनर्जागरण में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। व्याख्यान के संयोजक एवं पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र आर्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन चिकित्सा विद्यार्थियों में सेवा, संवेदना, नैतिकता एवं राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
व्याख्यान में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. प्रदीप दुबे, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक श्री ओम शर्मा, क्षेत्रीय संयोजक डॉ. अजय तिवारी, डॉ. राजेंद्र कुररिया, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा, उप अधीक्षिका डॉ ऋचा शर्मा, डॉ. रविंद्र खरे सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन डॉ सचिन कुच्या ने किया।
व्याख्यान के समापन पर उपस्थित चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों ने चिकित्सा व्यवसाय को मानवता की सेवा और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने का संकल्प लिया तथा पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के नवीन भवन परिसर में पौधारोपण किया गया। डॉ शुभम् मिश्रा, डॉ आकाश गजेंद्र, डॉ प्रियंका भटकुलकर, डॉ आकृति गुप्ता का कार्यक्रम आयोजित करने में विशेष योगदान रहा।


