फारेक्स टे्रडिंग के नाम पर करोडो की धोखाधडी मामले के पीडितो ने आरोपीयो पर कार्यवाही की पूर्व मंत्री से की है मांग
वारासिवनी……क्षेत्र मे फारेक्स टे्रडिंग के नाम पर करोडो रूपये की धोखाधडी मामले के पीडितो ने आज पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के निवास जाकर आरोपीयो पर कार्यवाही की मांग की। जिस पर प्रदीप जायसवाल ने पुलिस अधिक्षक आदित्य मिश्रा के समक्ष दूरभाष पर पुरी जानकारी रखकर पीडितो की व्यथा से अवगत कराया। जिस पर पुलिस अधिक्षक श्री मिश्रा ने जल्द तत्परता के साथ इस मामले के आरोपीयो पर कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया है।
बालाघाट जिले के डबलमनी मामलो की गूंज अभी थमी भी नही थी की वारासिवनी क्षेत्र मे कथित निवेश धोखाधडी का नया मामल सामने आ गया है। जिसमे कुछ निवेशको ने आरोप लगाया है की फारेक्स टे्रडिंग के नाम उनसे लाखो की राशी लेकर कम समय मे राशी दुगुना करने और भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया है।
आज लगभग दो दर्जन से अधिक पीडितो ने नगेन्द्र रंगारे के साथ जाकर पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल को जानकारी दी की हम लोगो ने पुलिस स्टेशन जाकर बकायदा लिखित शिकायत दर्ज करा दी है। किंतू लंबे समय से लेकर आज तक राजा अली सहित अन्य आरोपीयो पर कोई कार्यवाही नही हुयी है। आज पूर्व मंत्री के निवास पर नगेन्द्र रंगारे के साथ पीडितो मे सर्वश्री मुमताज अंसारी, मिनाज अली,कांता ठाकरे, शैलेश शेंडे, कमलेश शेंडे,नवनीत हेडाउ आदि लोग पहुचे थे।
पीडितो के पक्ष को सुनने के बाद तत्काल पुर्व मंत्री श्री जायसवाल ने इस मामले को पुलिस अधिक्षक आदित्य मिश्रा के संज्ञान मे लाते हुये कहा की पीडितो की अभी भी मांग है की इस मामले के आरोपीयो पर गंभीर और कडक कार्यवाही होनी चाहिये। इस मामले मे अनुविभागीय पुलिस अधिकारी के समक्ष पीडितो के बयान भी हो चुके है।
इस जानकारी पर पुलिस अधिक्षक ने पूर्व मंत्री को आश्वस्त कराते हुये कहा की वर्तमान मे धान, जमीन आदि बडे मामले पुलिस की जांच मे चल रहे है। व्यस्तता के बावजूद पुलिस विभाग ने इस मामले को भी गंभीरता से लिया है। जल्द इस मामले मे भी आरोपीयो पर गंभीर कार्यवाही सभी को नजर आयेगी।
दुसरी ओर एक सवाल पर श्री जायसवाल ने कहा की इस मामले मे राजा अली या अन्य आरोपीयो के नाम से हमे कोई मतलब नही है। पीडितो ने जिस भी आरोपीयो के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है और बयान दिये है। उन के खिलाफ कार्यवाही अवश्य होनी चाहिये। क्योकि पीडितो के पास मोबाईल से बातचीत सहित अन्य सबूत उन आरोपीयो के खिलाफ आज भी सुरक्षित रखे हुये है। यह मामला अब करोडो रूपये की धोखाधडी तक पहुच गया है।


