नई दिल्ली, संसद भवन के समीप जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों को मुद्दा सोमवार को संसद में उठाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह विषय राज्यसभा में रखा। उन्होंने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इन छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों का मामला है। वह सदन में देश के लाखों छात्रों के भविष्य के बारे में बात कर रहे हैं। खड़गे ने कहा कि जंतर मंतर पर आज हजारों बच्चे आए हैं और उन पर लाठीचार्ज हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चंदा चोरी की भी बात की। इसके बाद सदन में शोर मचना प्रारंभ हो गया। इस पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की करवाई को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। संसद का मानसून सत्र प्रारंभ होने पर सोमवार को राज्यसभा में नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष ने प्रश्न उठाया। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। खड़गे ने कहा कि उन्हें पेपर लीक और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर अपनी बात रखने का अवसर मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि देशभर के लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने अपने संबोधन में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर वहां एकत्र हुए हैं। यहां उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया। खड़गे ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्द है। खड़गे के वक्तव्य के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों के सदस्य अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन का माहौल काफी गर्म हो गया। देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना मुश्किल हो गया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हंगामा जारी रहने पर राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।


