जबलपुर। गुरु पूर्णिमा का पावन एवं पुनीत पर्व कजरवारा स्थित मा प्रेम रोशनी के निवास पर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ओशो प्रेमियों ने सदगुरु ओशो के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए तथा गुरु वंदना की।
कार्यक्रम में संध्या सत्संग, ध्यान एवं मौन साधना का आयोजन किया गया। उपस्थित ओशो प्रेमियों ने ध्यान और उत्सव के माध्यम से गुरु पूर्णिमा पर्व की आध्यात्मिक गरिमा का अनुभव किया।
इस अवसर पर मा प्रेम रोशनी ने कहा कि सदगुरु ओशो ने महिलाओं को संन्यास देकर उनकी गरिमा को नई ऊंचाई प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को अपने जीवन में ध्यान को अवश्य अपनाना चाहिए, क्योंकि स्वभावतः महिला प्रेम की प्रतिमूर्ति होती है। यदि उसके जीवन में ध्यान का समावेश हो जाए तो वह पूर्णता की ओर अग्रसर होती है और ऐसी परिपूर्ण महिला ही अपनी संतति, परिवार तथा समाज को सकारात्मक दिशा दे सकती है।
उन्होंने कहा कि सदगुरु ओशो ने महिलाओं को पुरुषों के समकक्ष स्थान देते हुए उनके लिए संन्यास का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे नारी सम्मान और आत्मिक विकास को नई पहचान मिली। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान, मौन साधना एवं गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ हुआ।


