जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की कैजुअल्टी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) से जुड़े चिकित्सकों ने दोषियों के खिलाफ डॉक्टर्स प्रोटेक्शन एक्ट के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
चिकित्सकों के अनुसार, 3-4 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे कैजुअल्टी में उपचार के लिए आए मरीज आरूष पटेल के परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों के साथ मारपीट, गाली-गलौज की और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। चिकित्सकों का कहना है कि इस घटना से मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों में रोष व्याप्त है और वे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। घटना से उपचार के लिए आए अन्य मरीज भी भयभीत हुए।
आईएमए के चिकित्सकों ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में कहा है कि यदि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ डॉक्टर्स प्रोटेक्शन एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, ताकि चिकित्सक सुरक्षित माहौल में अपनी सेवाएं दे सकें।
चिकित्सकों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, जिससे जूनियर डॉक्टर पूर्ववत् अपने कार्य पर लौट सकें और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।


