जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ड्यूटी के दौरान रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के मामले में गढ़ा थाना पुलिस ने मरीज और उसके परिचितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में चिकित्सकों में नाराजगी का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
गढ़ा थाना पुलिस के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के कार्यकारी अधिष्ठाता डॉ. आशीष सेठी की लिखित शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल की कैजुअल्टी (आपातकालीन विभाग) में रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान मरीज आरूष पटेल, निवासी जय भवानी कॉलोनी, सिहोरा तथा उसके साथ आए परिचित सामर्थ गुप्ता, अर्पित आयुष गुप्ता, रामभूषण तिवारी और शिव ने ड्यूटी पर मौजूद रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ विवाद किया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने इलाज के दौरान चिकित्सकों के शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की, गाली-गलौज की और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना में रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. सचिन दुल, डॉ. अमन गुप्ता, डॉ. शशिशेखर सिंह और डॉ. प्रतीक प्रभावित हुए हैं।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी। कार्यकारी अधिष्ठाता की शिकायत के आधार पर गढ़ा थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की तलाश की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे मामलों में न केवल स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, बल्कि मरीजों के उपचार की व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता जताई है।


