जबलपुर। हज़रत सैय्यदना सरकार शहीदे मिल्लत अल्लामा सैय्यद अब्दुल वदूद कादरी सूफ़ी रब्बानी रहमतुल्लाह अलैह एवं कुत्बे जबलपुर हज़रत अल्लामा अल्हाज सैय्यद मोहम्मद दाऊदुल कादरी नश्तर रब्बानी रहमतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय सालाना उर्स मुबारक बुधवार को कुल शरीफ और दुआ-ए-खैर के साथ संपन्न हो गया।
उर्स के अवसर पर मंगलवार रात्रि 10 बजे मुस्लिम बहुल क्षेत्र मंडी मदार टेकरी स्थित दरबारे रब्बानी में वली अहद साहिबे सज्जादा पीरज़ादा सैयद असजद रब्बानी, नायब सज्जादा नशीन मसनदे मसीहे मिल्लत दरबारे रब्बानी सैयद अशहद रब्बानी एवं सैयद अरशद रब्बानी की सरपरस्ती में शहीदे आज़म कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
कॉन्फ्रेंस में खतीबुल हिन्द हज़रत अल्लामा सैयद मुमताज़ रब्बानी साहब बाॅदा शरीफ व
हस्सानुल हिन्द हज़रत अल्लामा सैय्यद मिस्बाहुल मुराद जाफ़री , सज्जादा नशीन मकनपुर शरीफ ने विशेष ख़िताब फरमाया एवं अपने नूरानी बयान से उपस्थित अकीदतमंदों को दीन की महत्वपूर्ण शिक्षाओं से अवगत कराया।
महफ़िल में इंटरनेशनल नातख़्वाँ एवं मद्दाह-ए-अहले बैत शब्बीर बरकाती (गुजरात) ने अपनी दिलकश आवाज़ में नात व मनक़बत पेश कर समा बाँध दिया, जिससे अकीदतमंद देर रात तक रूहानी कैफियत में डूबे रहे। महफ़िल का समापन अल सुबह सलातो-सलाम के साथ सज्जादा नशीन हज़रत सैयद अरशद रब्बानी साहब की दुआ पर हुआ जिस में उन्होने मसलके आला हज़रत पर सख्ती से क़ायम रहने पर ज़ोर दिया
बुधवार प्रातः 8 बजे दरबारे रब्बानी में कुरआनख़ानी, कुल शरीफ और दुआ-ए-खैर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुल्क की अमन-चैन, तरक्की तथा समस्त अकीदतमंदों की खुशहाली के लिए विशेष दुआएँ की गईं। कार्यक्रम के समापन पर लंगर तकसीम किया गया।
नायब सज्जादा नशीन दरबारे रब्बानी हज़रत सैयद इरफ़ान अशहद रब्बानी ने उर्स में शिरकत करने वाले सभी अकीदतमंदों, मेहमानों एवं सहयोगियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते हुए उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।


