जबलपुर। गोराबाजार मुख्य मार्ग से लगी बस्ती में संचालित शराब दुकान के विरोध में क्षेत्रीय नागरिकों और व्यापारियों का आंदोलन लगातार जारी है। 15 जुलाई से दुकान हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसके चलते गोराबाजार बंद तक हो चुका है, लेकिन अब तक दुकान संचालित होती रही। मामले में अब कैंटोनमेंट बोर्ड और राजस्व प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
कैंटोनमेंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) ने शराब दुकान संचालक को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर दुकान हटाने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में दुकान नहीं हटाई गई तो कैंट बोर्ड द्वारा दुकान में तालाबंदी कर उसे सील किया जा सकता है।
बिलहरी के लाइसेंस पर गोराबाजार में दुकान
कैंट बोर्ड के नोटिस के अनुसार आबकारी विभाग ने एफएल बिलहरी-2, थाना बरेला के नाम से शराब दुकान संचालन का लाइसेंस जारी किया था। आरोप है कि लाइसेंसधारक आकर्ष जायसवाल ने निर्धारित स्थान के बजाय गोराबाजार स्थित एक मकान में दुकान संचालित कर दी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शराब दुकान को बिलहरी में खोला जाना था, लेकिन इसे कैंट सीमा क्षेत्र के गोराबाजार में संचालित किया जा रहा है। इसी को लेकर क्षेत्र में लगातार विरोध हो रहा है।
धार्मिक स्थल से 100 मीटर के भीतर दुकान
गोराबाजार संघर्ष समिति की ओर से 19 जुलाई को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद रांझी तहसीलदार के निर्देश पर स्थल की नपाई कराई गई थी। 22 जुलाई को हुई नपाई में शराब दुकान से जामा मस्जिद की दूरी 97.4 मीटर पाई गई। यानी दुकान धार्मिक स्थल से निर्धारित 100 मीटर की दूरी के भीतर है।
स्थल जांच में मंदिर की दूरी 115.5 मीटर, जबकि गोराबाजार शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल की दूरी 210.4 मीटर दर्ज की गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मस्जिद से 100 मीटर के दायरे में दुकान का संचालन नियमों के विपरीत है।
पवन कनौजिया, नकुल गुप्ता, पवन यादव और राहुल रजक सहित क्षेत्रीय नागरिकों ने दुकान हटाने की मांग की है। कैंट बोर्ड के नोटिस के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि निर्धारित दो दिन में दुकान हटाई जाती है या बोर्ड द्वारा सीलिंग की कार्रवाई की जाती है।


