निजी वाहन चालकों के साथ माल परिवहन पर भी पड़ सकता है असर, बढ़ी परिवहन लागत से बाजार में महंगाई की आशंका
भोपाल। मध्य प्रदेश के स्टेट हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों की जेब पर जल्द अतिरिक्त भार पड़ सकता है। राज्य सरकार मौजूदा टोल टैक्स के अतिरिक्त अलग से ‘यूजर फीस’ वसूलने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। हालांकि प्रस्ताव की अंतिम रूपरेखा और इसे लागू करने की समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने पर स्टेट हाईवे का उपयोग करने वाले वाहन मालिकों को टोल के अलावा अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है, जब वाहन चालक पहले से ही पेट्रोल-डीजल पर राज्य कर, पंजीयन शुल्क, बीमा और दूसरे परिवहन खर्चों का भार उठा रहे हैं।
यूजर फीस लागू होने का प्रभाव केवल निजी कार और अन्य वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा। स्टेट हाईवे से गुजरने वाले मालवाहक वाहनों की परिचालन लागत भी बढ़ सकती है। ट्रांसपोर्टरों पर पड़ने वाला यह अतिरिक्त आर्थिक भार किराये में बढ़ोतरी का कारण बन सकता है।
माल ढुलाई महंगी होने पर रोजमर्रा की वस्तुओं, खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और दूसरे उत्पादों की बाजार कीमतों पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में यह फैसला आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को भी प्रभावित कर सकता है।
अब निगाह इस बात पर है कि सरकार यूजर फीस की दरें किस आधार पर तय करती है, किन मार्गों और वाहन श्रेणियों को इसके दायरे में लाया जाएगा तथा पहले से टोल चुका रहे वाहन चालकों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का औचित्य क्या होगा। प्रस्ताव लागू होने से पहले इसकी स्पष्ट नीति और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।


