परिजनों ने लगाया उपचार में गंभीर लापरवाही का आरोप; रक्त चढ़ाने और कथित एनेस्थीसिया ओवरडोज समेत विभिन्न पहलुओं की होगी जांच
रीवा। शासकीय संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में प्रसव के बाद एक महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्साकर्मियों पर उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ड्यूटी पर मौजूद दो नर्सों को निलंबित कर दिया है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई है।
बताया जा रहा है कि जांच में बाहर से लाए गए रक्त को चढ़ाने की प्रक्रिया, कथित रूप से एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा दिए जाने और प्रसव के दौरान उपलब्ध कराए गए उपचार सहित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। संबंधित चिकित्सकों और कर्मचारियों के बयान लेने के साथ महिला के उपचार संबंधी दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की संभावना है।
परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित उपचार और देखभाल नहीं मिलने के कारण प्रसूता एवं नवजात की जान गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और किसी स्तर पर लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक साथ प्रसूता और नवजात की मौत ने सरकारी अस्पतालों में उपचार व्यवस्था, निगरानी और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।


