September 6, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

भगवंत मान सरकार पर हरसिमरत कौर का हमला, बोलीं-सीएम आवास भ्रष्टाचार का अड्डा



चंडीगढ़, 5 सितंबर भ्रष्टाचार के आरोपों और सीबीआई जांच की मांग के बीच शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर हजारों महिलाओं के विरोध मार्च का नेतृत्व किया, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें और अन्य एसएडी नेताओं को हिरासत में ले लिया। 

सांसद हरसिमरत कौर बादल ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सीएम भगवंत मान ने शर्म की सारी हदें पार कर दी हैं। जिन लोगों को सलाखों के पीछे भेजना था, उन्हें सरकारी खर्चे पर विदेश भेज दिया गया। जिन लोगों को जेल नहीं भेजना चाहिए था, उन्हें जेल भेज दिया। उन्हें नशीला पदार्थ दिया गया। अंदर से पीड़ितों को धमकाया गया। आज जब हम गुरुप्रीत कौर के खिलाफ धरना दे रहे हैं, तो हमें सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। मैं पंजाब के लोगों को यही कहूंगी कि इन लोगों को पहचानिए। आज की तारीख में सीएम का आवास भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। रेप के आरोपी को सरकारी पैसे पर विदेश तक भेज दिया गया। एक आरोपी पर जिस पर कई लड़कियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आज तक सरकार की ओर से इस पूरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार ने पूरी तरह से खामोशी अख्तियार कर रखी है।

उन्होंने कहा कि आखिर मुख्यमंत्री जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। इसे लेकर पूरी तस्वीर साफ होनी चाहिए। सबसे पहले हमारा यही कहना है कि सीएम गिल्टी है। मुख्यमंत्री का पूरा आवास भ्रष्टाचार में लिप्त है। बेटी खुद सामने आकर कह रही है कि रेप के आरोपी को सीएम की पत्नी ने विदेश भेज दिया, ताकि उसे बचाया जा सके।

हरसिमरत कौर बादल के मुताबिक यह दुर्भाग्य की बात है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के शासनकाल में रेप के आरोपियों का सत्कार किया जा रहा है। अब वो दिन दूर नहीं है, जब पंजाब की बेटियां आम आदमी पार्टी के नेताओं को सल्फास की गोलियां देंगी, क्योंकि इन लोगों ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं। पीड़िता ने भी जज साहब को अपना बयान दर्ज करवा दिया है। इतना सब कुछ होने के बावजूद भी रेप का आरोपी कैसे बाहर निकला और इससे भी ज्यादा हैरानी की बात है कि आखिर वो विदेश कैसे पहुंचा? इसे लेकर पूरी तस्वीर साफ होनी चाहिए। क्या यह सब कुछ पुलिसकर्मियों की रजामंदी के बिना मुमकिन था। अब पंजाब में इतना सब कुछ होने के बाद भगवंत मान को सीएम की कुर्सी पर रहने का कोई हक नहीं है। सीएम को तत्काल अपनी कुर्सी छोड़नी चाहिए। हमारी यही मांग है। हम हाईकोर्ट से कहेंगे कि इस पूरे मामले का स्वत: संज्ञान लिया जाना चाहिए।

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