जबलपुर। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने उप-मुख्यमंत्री तथा जबलपुर जिला प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा को पत्र भेजकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव, मनीष शर्मा, एड. वेदप्रकाश अधोलिया, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, यशवंत कोष्टा, अशोक यादव और श्याम सोलंकी की उपस्थिति में हुई बैठक में यह विषय सामने रखा गया। मंच के अनुसार बीएसएनएल द्वारा अपनी वेबसाइट पर जबलपुर की जिन 10 संपत्तियों को बेचने की सूची जारी की गई है, उसमें रिछाई टेलीकॉम की 35 एकड़ भूमि शामिल नहीं है। वर्तमान में खाली पड़ी यह जमीन रिछाई औद्योगिक क्षेत्र से सीधे जुड़ी है। इसलिए जिला योजना समिति इस प्रस्ताव को विधिवत पारित कर केंद्र सरकार के दूरसंचार मंत्रालय को भेजे। इस भूमि का उपयोग कर वहां आधुनिक औद्योगिक विनिर्माण इकाई स्थापित की जा सकती है। 6 सितम्बर को शाम 6 बजे राज्यसभा सदस्य एड. विवेक तन्खा से भी इस संदर्भ में विशेष चर्चा की जाएगी।
केंद्र सरकार की योजनाओं से मिले नया विस्तार
मंच ने प्रशासन को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि सूची में नाम न होने का सीधा अर्थ यह निकलता है कि संचार निगम इस भूखंड को अपने पास सुरक्षित रखना चाहता है। ऐसे में इस विस्तृत परिसर का लाभ क्षेत्र के विकास के लिए उठाया जा सकता है। केंद्र सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम अथवा टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड के अंतर्गत यहां नवीन परियोजना शुरू की जा सकती है। इसके लिए मध्य प्रदेश शासन के साथ विधिवत एमओयू संपादित किया जा सकता है, जिससे रोजगार और औद्योगिक निवेश के नए अवसर तैयार होंगे।
रानीताल संपत्ति विवाद पर अदालत में हस्तक्षेप याचिका
इसके अतिरिक्त बैठक में 24 अगस्त 2024 को कलेक्टर दीपक सक्सेना के साथ प्रशासनिक चर्चा का हवाला भी दिया गया। उस बैठक में दूरसंचार निगम के जी.एम. ने स्वयं यह स्वीकार किया था कि रानीताल स्थित टेलीकॉम भूमि से संबंधित प्रकरण वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन है। मंच का स्पष्ट मत है कि न्यायिक प्रक्रिया जारी रहने के दौरान परिसर के शेड तोड़कर उसे बेचे जाने का कदम अनुचित है। इसी आधार पर डॉ. नाजपांडे तथा रजत भार्गव ने इस भू-भाग को बेचे जाने के विरोध में माननीय उच्च न्यायालय में हस्तक्षेप याचिका प्रस्तुत की है।
सांसद के साथ बैठक कर बनेगी भावी रणनीति
नागरिक संगठन अब इस पूरे मुद्दे को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से नीतिगत स्तर पर मजबूती से उठाने की तैयारी कर रहा है। संगठन के पदाधिकारियों का दल आगामी बैठक में पूरे दस्तावेज और तकनीकी संभावनाएं जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करेगा। रिछाई के इस विस्तृत भूखंड का सदुपयोग करते हुए उसे सूचना प्रौद्योगिकी और उपकरण निर्माण के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकसित कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।


