गोवा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गोवा में कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ अगले तीन वर्षों के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। शाह ने कहा कि इस अभियान के चार प्रमुख स्तंभ होंगे- इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन आधारित प्रवर्तन, प्रीकर्सर व सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, डिमांड एवं हार्म रिडक्शन तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय। जब प्रधानमंत्री मोदी ने देश की कमान संभाली, उस समय भारत के सामने आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी चुनौतियां थीं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2019 से अब तक आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अलगाववाद की भावना में कमी आई है और आतंकवाद पर भी प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने की कोशिश की गई है।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पांच दशक पुरानी नक्सलवाद की समस्या अब समाप्ति की ओर है। जिन लोगों ने तिरुपति से पशुपतिनाथ तक ‘रेड कॉरिडोर’ बनाने का सपना देखा था, उनमें से कई लोगों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है और मुख्यधारा में लौटने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पूर्वोत्तर में भी लगभग 10,000 युवाओं ने हथियार छोड़े हैं।
अमित शाह ने कहा कि 2019 से जुलाई 2026 तक 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों का प्रत्यर्पण कर उन्हें भारत की अदालतों के समक्ष लाया गया है। वर्ष 2019 से 2026 तक लगभग 17,874 करोड़ रुपए की संपत्तियां भगोड़े अपराधियों से संबंधित मामलों में सील की गई हैं। नए आपराधिक कानूनों और नई न्याय संहिताओं के जरिए भी भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता मजबूत हुआ है।उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के बीच 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त किए गए थे जबकि 2014-26 के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 1.19 करोड़ किलोग्राम हो गया। मोदी सरकार के दौरान जब्त किए गए ड्रग्स की अनुमानित कीमत 1.89 लाख करोड़ रुपए रही जबकि 2004-14 के दौरान यह आंकड़ा करीब 40 हजार करोड़ रुपए था।


