_30 से 40 बंदरों की टोली ने मकानों के साथ मक्का और सब्जियों की फसलों को पहुंचाया नुकसानसी टाइम्स नंदौरा : सिवनी सामान्य वन परिक्षेत्र के गोपालगंज बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत नंदौरा में इन दिनों काले मुंह वाले बंदरों की टोली के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब 30 से 40 बंदरों की टोली लगातार उत्पात मचा रही है। बंदरों द्वारा फसलों के साथ-साथ कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि बंदर खेतों में लगी मक्का और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों की टोली खेतों में पहुंचकर फसलों को तोड़ने और बर्बाद करने के साथ ही ग्रामीणों के घरों में भी घुसने का प्रयास करती है। इससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों को काटने के लिए दौड़ते हैं बंदर
ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि वे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को काटने के लिए दौड़ते हैं। इसके अलावा गांव में घूमने वाले कुत्तों को भी बंदरों द्वारा दौड़ाया जाता है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
छप्पर पर कूदने से कच्चा मकान क्षतिग्रस्त
बंदरों के उत्पात का असर वेदप्रकाश के कच्चे मकान पर भी पड़ा। बंदरों के छप्पर पर कूदने से छप्पर क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में छप्पर का निर्माण कराया गया था। बारिश के मौसम में छप्पर क्षतिग्रस्त होने से परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर बंदरों को भगाया
बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को सामान्य वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्र सोनी से चर्चा कर समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बंदरों को गांव से दूर भगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने संबंधित बीट प्रभारी को मौके पर भेजा, जिसके बाद बंदरों की टोली को गांव से कुछ दूर भगाया गया।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बंदरों के आतंक से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि फसलों को हो रहे नुकसान के साथ ही बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


