जबलपुर। जय जगन्नाथ मिशन अन्तर्राष्ट्रीय के तत्वावधान में सोमवार को शहीद स्मारक भवन, गोलबाजार में “भगवान जगन्नाथ चेतना और मानसिक स्वास्थ्य” पुस्तक का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति, भारतीय आध्यात्मिक चेतना और आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर सार्थक चर्चा हुई।
पुस्तक के लेखक एवं जय जगन्नाथ मिशन अन्तर्राष्ट्रीय के संस्थापक डॉ. पुरुषोत्तम तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, चिंता, अकेलापन और अवसाद जैसी मानसिक चुनौतियां समाज के सामने गंभीर विषय बनकर उभर रही हैं। ऐसे समय में मनुष्य को केवल बाहरी विकास ही नहीं, बल्कि आंतरिक शांति और चेतना की भी आवश्यकता है। भगवान जगन्नाथ की परंपरा प्रेम, करुणा, समानता, सेवा और मानवता का संदेश देती है। पुस्तक में इसी आध्यात्मिक चेतना को मानसिक स्वास्थ्य के संदर्भ में समझने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक का उद्देश्य आध्यात्मिक आस्था और आधुनिक मनोविज्ञान के बीच संवाद स्थापित करना है। भगवान जगन्नाथ की विशाल आंखों को जागरूकता एवं अकेलेपन से बाहर निकलने की चेतना, रथयात्रा को जीवन की गतिशीलता तथा महाप्रसाद को सामाजिक समानता और साझेदारी की भावना के प्रतीक के रूप में समझने का प्रयास किया गया है।
ओडिसी नृत्य और भजन संध्या ने बांधा समां
समारोह में ओडिसी नृत्य के माध्यम से भगवान श्री जगन्नाथ की भावपूर्ण आराधना प्रस्तुत की गई। नृत्यांजलि कला अकादमी के कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं भजन संध्या में भगवान जगन्नाथ के भजनों की प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
अर्जी पात्र रहा विशेष आकर्षण
समारोह स्थल पर “भगवान श्री जगन्नाथ अर्जी पात्र” स्थापित किया गया था। श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाएं, प्रार्थनाएं और जीवन से जुड़ी भावनाएं लिखकर अर्जी पात्र में समर्पित कीं। मिशन की ओर से बताया गया कि अर्जी लिखना व्यक्ति के लिए आत्मसंवाद तथा अपनी भावनाओं को सकारात्मक रूप से व्यक्त करने का माध्यम भी है।
सेवा और मानवता को मिशन का आधार
डॉ. पुरुषोत्तम तिवारी ने जय जगन्नाथ मिशन अन्तर्राष्ट्रीय के आगामी विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि मिशन का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ के प्रेम, करुणा, सेवा, समानता और मानवता के संदेश को देश-विदेश तक पहुंचाना है। मिशन के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, मन संवाद, ध्यान, नशामुक्ति, सामाजिक समावेश और सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना है।
विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों के प्रतिनिधियों सहित गणमान्य नागरिक हुए शामिल
कार्यक्रम में शहर के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इनमें जगदीश मंदिर गढ़ा फाटक, श्री जगदीश स्वामी कर्मा बाई शंकर भगवान मंदिर ट्रस्ट, श्री जगदीश मंदिर सूजी मोहल्ला, जगदीश मंदिर हनुमानताल तथा जगदीश मंदिर आईटीआई के प्रतिनिधि शामिल रहे।
समारोह में एडवोकेट ज्ञानेंद्र सिंह बघेल, नरेंद्र पाल मलिक, उमेश खुराना, नवनीत माहेश्वरी, पप्पन मिश्रा, चौधरी मुकेश कुमार साहू, श्रीकांत साहू, सीताराम साहू, मुन्नी बाई साहू, मुस्कान चौरसिया, मोहित तिवारी, एडवोकेट के.के. बक्शी, आभा दीपक साहू, सुभाष खत्री, अक्षय सोनी, शिवम उपाध्याय, विकास पांडे, विजय केसरवानी, श्रीमती गीता, शरद तिवारी, श्रीमती शिवरतन सिंह, श्रीमती निशा तिवारी, श्रीमती मीरा दुबे, श्रीमती आवाज साहू, श्रीमती सीमा अग्रवाल, Sun to Human से मनीष अग्रवाल, खूबचंद मिगलानी, मनोज खत्री, कदम संस्था से सर्वजीत सिंह मैनी, आलोक पाठक तथा अथर्व गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पंजाबी समाज के अध्यक्ष नरेंद्र पाल मलिक सहित सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने आयोजन में सहभागिता की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से समारोह स्थल भक्तिमय बना रहा।
जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा सभागार
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री जगन्नाथ के जयघोष से पूरा सभागार गूंज उठा। आयोजन का संचालन राजेश पाठक प्रवीण ने किया। कार्यक्रम का परिचय रामजी अग्रवाल ने प्रस्तुत किया, जबकि शरद काबरा ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन भगवान श्री जगन्नाथ की प्रार्थना एवं सामूहिक “जय जगन्नाथ” उद्घोष के साथ हुआ।


