25.5 C
Jabalpur
September 26, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिकराष्ट्रीयलीगल

मध्य प्रदेश में फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा, 70 नकली पासपोर्ट बरामद 

भोपाल, मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच में करीब 70 फर्जी पासपोर्ट का पता लगाया है। ये पासपोर्ट राज्य में अलग-अलग पतों का इस्तेमाल करके बनवाए गए थे। अब जांच में बड़े नेटवर्क और अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भूमिका की भी जांच की जा रही है।  एसटीएफ के डीआईजी राहुल लोधा ने शुक्रवार को बताया कि अब तक छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और फर्जी पासपोर्ट बनाने और हासिल करने के पीछे पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। राहुल लोधा ने कहा, “यह एक बहुस्तरीय मामला है और जांच अभी भी चल रही है। अब तक छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें दो दिन पहले की गई ताजा गिरफ्तारी भी शामिल है।”ताजा गिरफ्तारी 23 सितंबर को गयाप्रसाद गौतम की हुई थी। इससे पहले 25 अगस्त से 18 सितंबर के बीच रियाल चौधरी उर्फ भंते मेतानंद, विप्लब अधिकारी, प्रियन रॉय, जॉय चौधरी और नसीम अख्तर को गिरफ्तार किया गया था।

एसटीएफ के अनुसार जांच में सामने आया है कि पासपोर्ट आवेदनों में बौद्ध मठों के पतों का बार-बार इस्तेमाल किया गया था। ऐसे मामले भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, डबरा और पाहुर्ना में सामने आए हैं। एसटीएफ ने भोपाल के अन्नानगर से जुड़े 40 मामले, डबरा से 17, बैतूल के आमला बौद्ध मठ से 11 और छिंदवाड़ा-पाहुर्ना से 2 मामले चिह्नित किए हैं। गवाहों के इस्तेमाल में भी एक बड़ा पैटर्न सामने आया है। अब तक मिले 70 फर्जी पासपोर्ट में से करीब 50 मामलों में तीन लोग (गया प्रसाद गौतम, गुलाब राय और रियाल चौधरी उर्फ भंते मेतानंद) गवाह के तौर पर पेश हुए थे। कई पासपोर्ट आवेदनों में उनके मोबाइल नंबर भी दर्ज मिले हैं। एक ही मठ के पते और गवाहों का बार-बार इस्तेमाल जांच का अहम बिंदु बन गया है। एसटीएफ यह भी जांच कर रही है कि पासपोर्ट आवेदन कैसे प्रोसेस हुए।

जांच में कुछ मुख्य आरोपियों के बीच संबंध भी मिले हैं। जांचकर्ताओं को पता चला कि गुलाब राय बैतूल के आमला में एक कैंप के दौरान रियाल चौधरी से मिला था और बाद में झांसी के एक कैंप में फिर मिला। 2022 में गुलाब राय अपने साथियों के साथ डबरा के अंबेडकर पार्क में एक कैंप में शामिल हुआ था। अब जांच को छह राज्यों- मध्य प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब तक बढ़ा दिया गया है, जहां एसटीएफ की टीमें संदिग्ध सदस्यों का पता लगाने में जुटी हैं। राहुल लोधा ने कहा, “हमने अब तक 75 आरोपियों की पहचान की है। एक ही गवाह और मठ के पते का बार-बार इस्तेमाल ही वह पैटर्न था जिससे रैकेट का खुलासा हुआ।”

अन्य ख़बरें

कांग्रेस-सपा में टकराव बढ़ा, इकरा हसन के बयान पर इमरान बोले- ‘न करें गठबंधन, हम क्या भीख मांग रहे’

Newsdesk

राम गोविंद चौधरी के निधन पर सपा सांसदों ने जताया शोक, बोले- ‘यह बलिया और यूपी की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति

Newsdesk

डब्ल्यूएचओ महामारी समझौते पर भारत का जोर, पैथोजन तक निष्पक्ष पहुंच और लाभ साझा करने की मांग की

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading