ट्रेनों की लेट लतीफे को लेकर आम जनता में भारी नाराजगी
इंदौर भोपाल सीधी रेल सेवा के लिए फिर संघर्ष आंदोलन हुआ
बालाघाट — मूकमाटी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के लगातार 6 घंटा विलंब से चलने के कारण आम जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है साथ ही पेंचवेली एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को गोंदिया बालाघाट से चलाए जाने की घोषणा के बावजूद सांसद भारती पारधी द्वारा की जा रही निष्क्रियता को लेकर समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप सिंह बैस के नेतृत्व में तथा परसवाड़ा विधायक मधु भगत एवं बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे की प्रमुख उपस्थिति में भारी जन समुदाय के साथ तथा गगन भेदी नारों को गुंजायमान करते हुए बालाघाट रेलवे स्टेशन में भारी प्रदर्शन हुआ तथा स्टेशन अधीक्षक चौधरी को ज्ञापन सोपा गया, उक्त अवसर पर ब्रॉड गेज रेल संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप सिंह बैस ने कहा कि जिस तरह से यात्री ट्रेनों को खड़ा करके मालगाड़ी को प्राथमिकता दी जा रही है तथा लोकल ट्रेन एवं मूकमाटी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन अपने निर्धारित समय से 5 घंटा देरी से प्रतिदिन चल रही है इससे आम जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है । परसवाड़ा विधायक मधु भगत ने उक्त अवसर पर कहा कि लामता चांगूटोला क्षेत्र, परसवाड़ा एवं बालाघाट जिले का राजस्व देने वाला एक प्रमुख स्थान है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर का वन्य प्राणी पार्क कान्हा उद्यान यहां से अत्यंत पास है इस बात को दृष्टिगत रखते हुए सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बालाघाट में सुनिश्चित किया जाना चाहिए बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने कहा कि यह दुर्भाग्य का विषय है कि इंदौर भोपाल के सैकड़ो यात्रियों की मांग पर अब तक पंचवेली का संचालन बालाघाट से नहीं किया जा रहा है तथा सांसद भारती पारधी नई ट्रेनों की लेट लतीफी को लेकर और ना ही भोपाल इंदौर की सीधी रेल सेवा के लिए कोई गंभीर प्रयास कर रही हैं,जिससे आम जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है यह सभी मांगे यदि 10 दिन के अंदर पूर्ण नहीं हुई तो हम सभी ब्रॉड गेज रेल संघर्ष समिति के नेतृत्व में एक वृहत आंदोलन करेंगे, उक्त अवसर पर प्रमुख रूप से महेंद्र पचौरी, शमीम सिद्दीकी, सुखचंद उईके, अनिल सोनी, डॉक्टर अमर बिसेन, राणा जी, एडवोकेट निखिल गौतम, एडवोकेट अजय बिसेन , सूरज वादगुनेर, राहुल सिंह बैस, रामसिंह भाटिया,शब्बीर पटेल, आदित्य पटले, जय कृष्ण ढिंगरू, धर्मेंद्र बोपचे , कुलदीप पटले, फैयाज अंसारी, जम्मू खान, राजा नगपुरे, एवं भारी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।


