30.5 C
Jabalpur
September 28, 2026
सी टाइम्स
जीवनशैलीप्रादेशिकसी टाइम्स

सड़क बनी, नल टूटा और बहता रहा पानी: चौथपुल-भैंसासुर रोड पर निर्माण की गुणवत्ता सवालों में

जबलपुर। शहर में विकास कार्यों का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सड़क, सुचारु जल निकासी और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है। लेकिन उत्तर-मध्य विधानसभा क्षेत्र के चौथपुल-भैंसासुर रोड पर विकास की यही प्रक्रिया अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है।

हीरा लाइफस्टाइल शोरूम के पास स्थित आरएस रंधावा के मकान का नगर निगम का नल कनेक्शन सड़क निर्माण के दौरान खुदाई मशीन की चपेट में आने से टूट गया। इसके बाद से पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। जिस मार्ग को सुविधाजनक बनाने के लिए निर्माण कार्य किया गया, वहीं बहते पानी ने सड़क पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति पैदा कर दी है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल की बर्बादी भी अलग चिंता का विषय बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण के समय नल कनेक्शन को सुरक्षित तरीके से नाली के भीतर व्यवस्थित नहीं किया गया और पाइप को बाहर ही छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण से पहले जलापूर्ति की पाइपलाइन का उचित निरीक्षण और समन्वय किया जाता, तो कनेक्शन टूटने और पानी बहने की स्थिति से बचा जा सकता था।

नाली और चैंबर के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय रहवासियों के अनुसार, कहीं करीब चार इंच तो कहीं छह इंच मोटाई के ढक्कन लगाए गए हैं। कई चैंबरों के ढक्कन भी कथित रूप से ठीक ढंग से स्थापित नहीं किए गए। आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में नाली की सफाई के लिए इन भारी ढक्कनों को खोलना कठिन होगा और मशीन के प्रयोग के दौरान इनके क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहेगा। हालांकि निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।

यह क्षेत्र भाजपा पार्षद लवलीन आनंद के वार्ड और भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पांडे के विधानसभा क्षेत्र में आता है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों और नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है।

लोग चाहते हैं कि टूटे नल कनेक्शन को तत्काल दुरुस्त कर पानी की बर्बादी रोकी जाए, सड़क पर जमा कीचड़ हटाया जाए और नाली, चैंबर तथा ढक्कनों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए। अब देखना होगा कि नगर निगम शिकायत पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और निर्माण कार्य में यदि कोई कमी पाई जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी किस पर तय होती है।

अन्य ख़बरें

फूलों तक पहुंचने से पहले गड्ढे और जलभराव: श्रीनाथ की तलैया की फूल मंडी में सुविधाओं पर सवाल

Newsdesk

यूपी : भाजपा कोर कमेटी की बैठक 28 सितंबर को, राज्यसभा की 8 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर होगा मंथन

Newsdesk

आईटीआई शहडोल में आयोजित हुआ बलराम कृषि महोत्सव

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading