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October 3, 2026
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‘पढ़ रहा था हनुमान चालीसा, भगवान ने ही मुझे बचाया’, पीएम मोदी के सामने भावुक हुए स्मित मच्छार, सुनाई आपबीती

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार से वीडियोकॉल पर बात की। उन्होंने स्मित मच्छार के साहस, धैर्य और सूझबूझ की प्रशंसा की। इस दौरान, स्मित मच्छार ने कहा कि वे मुश्किल दौर में हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और उस समय भी वे हनुमान चालीसा ही पढ़ रहे थे। उन्हें पता है कि भगवान ने ही उन्हें बचाया है।फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भावुक दिखे। उन्होंने कहा, “आप मेरे सबसे बड़े ‘आइडल’ हैं। आज आप जिस तरह से हौसला-अफजाई कर रहे हैं, मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है।”

पीएम मोदी के सामने आपबीती सुनाते हुए स्मित मच्छार ने कहा, “मैं अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहा था। मैं गिर चुका था। मेरे इतने घाव लग चुके थे कि मैं गिर गया था। यह ऐसा समय था, जब मुझे लगा कि अगर अब मैंने कुछ नहीं किया तो।”स्मित ने कहा, “मैं पिछले 11 साल से जहाज उड़ा रहा हूं। मुझे आंख बंद करके भी पता चल जाता है कि जहाज में क्या हो रहा है। जब मैं नीचे गिरा हुआ था, तब मुझे एहसास हो रहा था कि जहाज नीचे जा रहा है। मुझे पता था कि यही समय है। मार खा रहा था और मैंने दरवाजा खोल दिया। मैं ताकत से हिसाब से कर रहा था और पता था कि मैं इन सभी को नहीं मरने दे सकता। इसके बाद अन्य लोग वहां आ गए। उन सभी लोगों की भी इसमें उतनी भी भूमिका थी।”

बातचीत के दौरान स्मित ने बताया कि उस कठिन घड़ी में भी वे हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा, “उस समय मैं हनुमान चालीसा बोल रहा था और मुझे पता है कि मुझे भगवान ने ही बचाया है।”प्रधानमंत्री मोदी ने स्मित की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपने इतना बड़ा काम किया है कि हर देशवासी और पूरी दुनिया के लोग भी आपको देखने, आपसे बात करने के लिए आतुर हैं। उन्होंने आगे कहा, “आपने जो हनुमान चालीसा की बात बताई है। इसके लिए मैं भूपेंद्रभाई (स्मित मच्छार के पिता) और गीताबेन (स्मित मच्छार की मां) को प्रणाम करूंगा कि आपको ऐसे संस्कार दिए।”स्मित मच्छार ने कहा, “मैं रोज सुबह पूजा करता हूं। उस समय मेरा दो साल का बेटा गोद में होता है और मैं हनुमान चालीसा सुनाता हूं। आज हम लोग देश से दूर हैं, लेकिन हमारी संस्कृति से दूर नहीं होना चाहिए।”इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने स्मित मच्छार को ‘वीर पुरुष’ बताते हुए कहा कि हम सभी आपकी दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। भारत आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक है।

 

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