नई दिल्ली, मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. चरणजीत सिंह ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, प्रदर्शनकारियों की कथित हिरासत, पुलिस कार्रवाई, पत्रकारों की स्वतंत्रता और सार्वजनिक परिवहन पर कथित प्रतिबंधों से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जाँच की माँग की है।डॉ. सिंह के अनुसार, उन्होंने 10 October 2026 को भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, निर्वाचन आयोग, संयुक्त राष्ट्र के संबंधित निकायों, विभिन्न मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजकर निष्पक्ष जाँच तथा संबंधित प्रमाणों के संरक्षण की अपील की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस और संबंधित अधिकारियों से पुलिस कार्रवाई, हिरासत के अभिलेखों, प्रदर्शन संबंधी आदेशों और सार्वजनिक परिवहन पर लगाए गए प्रतिबंधों का कानूनी आधार स्पष्ट करने का आग्रह किया। उन्होंने निर्वाचन संबंधी शिकायतों की भी कानून के अनुसार जाँच करने और प्रमाणों के आधार पर निष्कर्ष सार्वजनिक करने की माँग की। भारतीय संविधान के अनुच्छेद १४, १९, २१ और २२ का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और किसी व्यक्ति या संस्था को बिना प्रमाण दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। जहाँ उल्लंघन प्रमाणित हों, वहाँ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। डॉ. सिंह ने संयुक्त राष्ट्र के संबंधित निकायों, मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से उपलब्ध दस्तावेजों की जाँच करने, संबंधित पक्षों के बयान लेने और सत्यापित निष्कर्ष सामने लाने की अपील की। उन्होंने घोषणा की कि संवैधानिक अधिकारों, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए उनकी शांतिपूर्ण एवं अहिंसक मुहिम जारी रहेगी।


