100 दिन से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का प्राथमिकता से करें निराकरण, आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण इसी सप्ताह शुरू कराने के निर्देश
जबलपुर। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा बैठक में धान पंजीयन के सत्यापन, राजस्व प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों, प्रसूति सहायता, एम्बुलेंस सेवाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत, अपर कलेक्टर रविशंकर राय एवं अखिलेश सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने जिले में पंजीकृत किसानों का निर्धारित मापदंडों के अनुसार सत्यापन करने के निर्देश दिए। इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में करीब सात हजार अधिक पंजीयन होने पर सिकमी पंजीयन, पहली बार पंजीयन कराने वाले किसानों, पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों, नए खसरों और संयुक्त खातों से जुड़े मामलों की विशेष जांच करने को कहा। खेतों की वास्तविक स्थिति और सैटेलाइट से प्राप्त जानकारी में अंतर मिलने पर अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नामांतरण सहित सभी मामलों को राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) में दर्ज करने तथा तहसीलदारों को लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने को कहा। सीएम हेल्पलाइन की 50 और 100 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का विभागवार परीक्षण कर प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतों के जवाब समय पर दर्ज करने, सहायता एवं री-प्रोसेस के लिए लंबित आवेदनों का निराकरण करने और विभागीय रैंकिंग में सुधार लाने पर जोर दिया।
विवाह के बाद महिलाओं की समग्र आईडी पति के परिवार में स्थानांतरित नहीं होने से अमल-2.0 पोर्टल पर पति का विवरण प्रदर्शित नहीं होने और प्रसूति सहायता भुगतान प्रभावित होने की समस्या पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने एसडीएम को स्वास्थ्य, श्रम विभाग, बीएमओ और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करने तथा अनावश्यक नई समग्र आईडी बनाने से बचने के निर्देश दिए।
निजी एवं शासकीय एम्बुलेंस की दरों, ऑक्सीजन सिलेंडर, चिकित्सा उपकरणों और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता की जांच करने को कहा गया। शहर के भीतर और नागपुर सहित अन्य शहरों तक मरीजों को ले जाने की दरों तथा 108 एम्बुलेंस के नियमों की जानकारी एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शेष आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण इसी सप्ताह शुरू कराने, प्रत्येक निर्माण कार्य की अलग-अलग समीक्षा करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए।


