जबलपुर। आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। विकासखंड कुंडम के ग्राम पड़रिया की दीपिका गोटिया ने समूह से ऋण लेकर मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया और अपनी मेहनत से इसे विस्तार दिया।
दीपिका वर्ष 2019 में सत्यसाईं स्व-सहायता समूह से जुड़ी थीं। वर्ष 2024 में उन्होंने समूह से डेढ़ लाख रुपये का ऋण लेकर करीब ढाई लाख रुपये की लागत से पोल्ट्री शेड तैयार कराया। शुरुआत 100 चूजों से की थी, लेकिन अब उनके फार्म में 500 मुर्गियों और चूजों के पालन की व्यवस्था है। यहां देशी, हाइब्रिड और सोनाली नस्ल के मुर्गे-मुर्गियां तथा चूजे उपलब्ध हैं। सीजन में अंडे जबलपुर में बिक्री के लिए भेजे जाते हैं।
दीपिका ने वर्ष 2025 में पशु आहार की दुकान भी शुरू की, जहां मुर्गी पालकों को दाना, फीड और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। वे पालन-पोषण और मुर्गियों की देखभाल संबंधी मार्गदर्शन भी देती हैं। वर्तमान में उनके करीब 40 ग्राहक हैं। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की आय हो रही है। दीपिका की सफलता ग्रामीण महिला आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की प्रेरक मिसाल है।


