*मोतीलाल ओसवाल के नाम पर निवेश का प्रलोभन देने की शिकायत, पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग; कोतमा से भालूमाड़ा तक निवेशकों की शिकायतों से उठे सवाल..!*
*शहडोल,, बुढार,,धनपुरी,, नरोजाबाद पाली,,कोतमा,, भालूमाड़ा,,जमुना,,पसान,, बिजुरी,, रामनगर,, मनेंद्रगढ़,, छत्तीसगढ़ तक फैला मोतीलाल ओसवाल के नाम पर GNS financial services में राशि परिवर्तन कर निवेशकों के साथ पैसे की धोखाधड़ी कर, फैलाया एमपी सीजी में ठगी का मकड़जाल।*
*चिटफंड कंपनी ने लगभग 800 सौ करोड़ रुपए की हेराफेरी कर हजारों निवेशकों का पैसा धोखाधड़ी कर हड़पने के बाद अपनी लूट की दुनाक बुढार,,कोतमा,, मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़ में खुले आफिसों में ताला जड़ कर कम्पनी के संचालक ,,ब्रांच मैनेजर सहित सेंकड़ों स्थानीय एजेंट कब निवेशकों के साथ लुका छिपी का खेल रच रहे हैं,,इन ठगबाजों को पकड़ा कर कार्रवाई करना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ा चैलेंज, कारण इनकी पहुंच पकड़ बड़े-बड़े लोगों से होना बताया जा रहा है ।*
प्रहलाद गुप्ता कोतमा/ अनूपपुर जिले के कोयलांचल क्षेत्र में GNS फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ निवेशकों से कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं। भालूमाड़ा के डबल स्टोरी निवासी मुजेबुल हक ने सरोज यादव, सुखनंदन यादव, मुकेश यादव, कोतमा ब्रांच मैनेजर निपेंद्र सिंह और डिप्टी मैनेजर शील चंद जैन के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत देकर 12 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज करने और न्याय दिलाने की मांग की है। अधिक मुनाफे का लालच, निवेशकों की रकम पर सवाल
शिकायत के अनुसार, निवेशकों को कम अवधि में अधिक मुनाफा देने का प्रलोभन देकर रकम निवेश कराई गई। आरोप है कि मोतीलाल ओसवाल जैसी बड़ी वित्तीय कंपनी के नाम का हवाला देकर निवेशकों का भरोसा हासिल किया गया। एफडी पर ओडी की सुविधा और अधिक लाभ मिलने की बात कहकर निवेश के लिए प्रेरित किए जाने की भी शिकायत सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।
*नौकरी का भरोसा देकर निवेश कराने के भी आरोप*-
मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि बेरोजगार युवाओं को कंपनी में 25 से 30 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया जाता था। शिकायतकर्ता का दावा है कि कंपनी के नाम और योजनाओं का हवाला देकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। कंपनी के माध्यम से कथित तौर पर हजारों निवेशकों से बड़ी रकम जुटाए जाने के दावे भी किए जा रहे हैं। हालांकि, निवेशकों की वास्तविक संख्या और कुल राशि के संबंध में स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
*चिटफंड GNS के संचालक ने मोतीलाल ओसवाल ब्रांड दिखा कर निवेशकों को बनाया बेवकूफ*-
वही SECL सेवानिवृत्त कालरी कर्मचारी इजहार बक्स निवास भालूमाड़ा ने पुलिस प्रशासन से लिखित शिकायत करते हुए चिटफंड कंपनी GNS financial services के संचालक सरोज यादव ,,सुखनंदन यादव,, मुकेश यादव,, निपेंद्र सिंह ब्रांच मैनेजर कोतमा निवासी भालूमाड़ा पर कम समय अवधि में अधिक मुनाफा का प्रलोभन देकर मोतीलाल ओसवाल बड़ी कम्पनी की बताकर पैसे जीएनएस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड बुढार में निवेश कराकर कर पैसे की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। वहीं पैसे मांगे पर आजकल पैसे देने की बात कहां-कहां सात महीनों से इधर-उधर भटकने के लिए छोड़ दिया है। पीड़ित इजहार बक्स ने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से निवेश की गई राशि दिलाने और चिटफंड कंपनी के संचालकों,,स्थानीय ब्रांच मैनेजर कोतमा,, एवं एजेंटों के विरुद्ध निवेशकों के साथ हुई धोखाधड़ी मामले में इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
*निवेशकों ने भी उठाई रकम वापसी की मांग*-
गोविंदा कॉलरी के वार्ड क्रमांक 12 निवासी मुस्तफा ने भी GNS के संचालकों एवं मैनेजरों के खिलाफ लगभग 20 से 22 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने जिला कलेक्टर और कोतमा थाने में लिखित शिकायत देकर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। यदि अलग-अलग शिकायतों में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो मामला कई निवेशकों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है।
*शील चंद जैन ने खोली ठगी की दुकान ,,GNS डिप्टी मैनेजर के खिलाफ पूर्व में धोखाधड़ी की शिकायत पर एफआईआर*-
शिकायत में डिप्टी मैनेजर शील चंद जैन के खिलाफ पूर्व में भालूमाड़ा थाने में पैसे की धोखाधड़ी करने की शिकायत हुई थी।जानकारी के अनुसार, पोड़ी निवासी तेरसू केवट की शिकायत पर भालूमाड़ा पुलिस द्वारा उनके खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने की बात कही गई है। इस संबंध में पुराने प्रकरण के दस्तावेजों और उसकी वर्तमान स्थिति की पुष्टि किया जाना आवश्यक है।
*अब पुलिस जांच से खुलेगा निवेश का सच*_
सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशकों की रकम कहां गई और उनकी शिकायतों पर क्या कार्रवाई होगी? क्या निवेश की राशि संबंधित योजनाओं में लगाई गई, क्या निवेशकों को तय लाभ मिला और क्या कथित लेन-देन में किसी तरह की अनियमितता हुई? इन सवालों का जवाब दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और पुलिस जांच से ही सामने आ सकेगा। फिलहाल, संबंधित लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। मामले में सभी पक्षों का जवाब और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। निवेशकों को न्याय और उनकी रकम की वापसी के लिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
कहना है –
जीएनएस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड बुढार के संचालकों एवं ब्रांच मैनेजर सहित स्थानीय एजेंटों के विरुद्ध पैसों की धोखाधड़ी करने की शिकायत दो व्यक्तियों द्वारा की गई है, जांच चल रही है।
राधिका भगत
थाना प्रभारी भालूमाड़ा जिला अनूपपुर


