जबलपुर। दुर्गा उत्सव का समापन रविवार को पड़ाव वाली महाकाली के विशाल विसर्जन जुलूस के साथ होगा। जुलूस में नौ अत्यधिक ऊंची प्रतिमाएं शामिल होंगी, जिनमें शारदा चौक स्थित ओम दुर्गा उत्सव समिति की 22 फीट ऊंची प्रतिमा सबसे विशाल है। अधिकांश प्रतिमाओं का विसर्जन ग्वारीघाट में किया जाएगा। जुलूस के दौरान बिजली लाइनों से दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए विद्युत विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। अधीक्षण यंत्री शहर संजय अरोरा के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 25 अधिकारी तथा 200 से अधिक कर्मचारी पूरी रात से जुलूस समाप्त होने तक तैनात रहेंगे।
ऊंची प्रतिमाओं के साथ चलेगा बिजली विभाग का अमला
विद्युत विभाग के अधिकारी और लाइन कर्मचारी प्रत्येक ऊंची प्रतिमा के साथ स्थापना स्थल से ग्वारीघाट तक मौजूद रहेंगे। सड़क क्रॉसिंग पर एलटी लाइन के लिए निर्धारित 16 फीट क्लीयरेंस को ध्यान में रखते हुए लाइनों को अधिकतम संभव ऊंचाई पर व्यवस्थित किया गया है। विभाग ने आयोजकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि बिजली के तारों के नजदीक वाहन अथवा प्रतिमा पहुंचने पर तत्काल संबंधित कर्मचारियों को सूचना दें। स्वयं तार उठाने या उनके नीचे से जबरन निकलने का प्रयास न करें। जरूरत पड़ने पर संबंधित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कराई जाएगी।
विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कई स्थानों पर साइड ब्रैकेट के कारण केबल सड़क की ओर निकली हुई हैं। ऐसे में विसर्जन वाहन मार्ग के मध्य से निकालें। स्वागत द्वारों और इमारतों से लटकाई जाने वाली मालाओं की रस्सियां बिजली के तारों पर गिर सकती हैं, इसलिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
वाहनों पर चढ़ने और आतिशबाजी से बचने की सलाह
ट्रॉली, ट्रक, डीजे बॉक्स और लाइटिंग फ्रेम की ऊंचाई के कारण प्रतिमाएं बिजली के तारों के नजदीक पहुंच सकती हैं। विभाग ने साउंड सिस्टम वाले वाहनों के ऊपर युवाओं के चढ़ने पर रोक रखने, कटे-फटे तारों का इस्तेमाल नहीं करने तथा केबल को हाथ से उठाने का प्रयास नहीं करने की हिदायत दी है। प्रतिमाओं के मुकुट, छतरी और धातु के अस्त्र भी बिजली के तारों के संपर्क में आने पर गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। ऊंचे फ्रेम से की जाने वाली इलेक्ट्रिक आतिशबाजी से तारों में आग लगने का खतरा भी रहता है। आयोजकों से जुलूस शुरू होने से पहले नजदीकी बिजली कार्यालय को सूचना देने को कहा गया है।
रद्दी चौकी में सुरक्षा के लिए हटाया नाग छत्र
इधर, रद्दी चौकी क्षेत्र में मनोकामना महाकाली दुर्गा उत्सव समिति के विसर्जन समारोह के दौरान भी प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल कदम उठाए। 20 फीट से अधिक ऊंची प्रतिमा के सबसे ऊपर लगे नाग छत्र को बिजली के तारों से संभावित टकराव रोकने के लिए अलग कर दिया गया। साउंड सिस्टम के बड़े वाहनों पर युवाओं के चढ़कर खड़े होने की स्थिति सामने आने पर सजावटी झालरों की बिजली आपूर्ति भी बंद कराई गई। आयोजकों और मौके पर मौजूद दल ने मिलकर यात्रा मार्ग को व्यवस्थित कराया, जिसके बाद धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्वक आगे बढ़ा।


