जबलपुर। सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत के मामले में निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान नहीं करना कलेक्टर कार्यालय को भारी पड़ गया। तीसरे अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने अवार्ड राशि जमा नहीं किए जाने पर कलेक्टर कार्यालय की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश के पालन में अधिवक्ता और संबंधित अधिकारी कुर्की की कार्रवाई के लिए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
अधिवक्ता आत्माराम लखेरा के अनुसार, 7 अक्टूबर 2019 को कुण्डम एसडीएम के स्वामित्व वाले बोलेरो वाहन क्रमांक MP-02 AV-6643 से सड़क दुर्घटना हुई थी। दुर्घटना के समय वाहन टीकाराम ठाकुर चला रहे थे। हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मृतक की पत्नी नूरजहां ने मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 166 के तहत मुआवजे के लिए न्यायालय में दावा प्रस्तुत किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए तीसरे अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के सदस्य बृजेश सिंह ने 25 फरवरी 2025 को पीड़ित पक्ष के हक में फैसला सुनाया था। न्यायालय ने ब्याज सहित 12 लाख 93 हजार रुपये मुआवजा देने का अवार्ड पारित किया था।
अधिवक्ता के मुताबिक, आदेश के बावजूद शासन की ओर से निर्धारित राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने जिला न्यायालय में अवार्ड के निष्पादन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। भुगतान लंबित रहने पर न्यायालय ने कलेक्टर कार्यालय की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के निर्देश दिए। मामले ने प्रशासनिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है।


