November 4, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

आवारा कुत्तों के आतंक पर हाईकोर्ट सख्त, पूरे प्रदेश के लिए बनेगी कार्ययोजना; 30 नवंबर को अगली सुनवाई



जबलपुर। मध्यप्रदेश में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए ऐसा प्रभावी मॉडल तैयार किया जाए, जिसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सके। इसके लिए सबसे पहले उन इलाकों और सार्वजनिक स्थानों की पहचान करने को कहा गया है, जहां कुत्तों के हमलों का खतरा सबसे अधिक है।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि समस्या का समाधान केवल कागजी कार्रवाई से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए व्यावहारिक और ठोस कार्ययोजना तैयार करनी होगी। सरकार को अपने सुझाव और प्रस्ताव अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत मित्र के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा और अधिवक्ता सरबवीर सिंह ओबेराय भी उपस्थित रहे। पीठ ने दोनों से समस्या के समाधान के लिए सुझाव देने को कहा। अदालत ने संकेत दिए कि यदि सरकार प्रभावी कदम नहीं उठाती है तो न्यायालय आवश्यक निर्देश जारी करेगा।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2026 को देशभर के हाईकोर्ट को आवारा कुत्तों की समस्या पर स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करने और निगरानी के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी मामला दर्ज किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।

अन्य ख़बरें

सब रक्षक हैं, तो भक्षक कौन?*
विनोद विन्ध्येश्वरी प्रसाद पाण्डेय

Newsdesk

रहवासी इलाके के जनरल स्टोर में अवैध पटाखा बिक्री का खुलासा, संचालक पर मामला दर्ज

Newsdesk

जबलपुर में स्मैक तस्करी के तीन आरोपी गिरफ्तार, 14.44 ग्राम स्मैक जब्त

Newsdesk

Leave a Comment