पंचायत के अभिलेखों की जांच कर विकास कार्यों की समीक्षा की, बच्चों से पूछे गणित के सवाल, स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी किया संवाद
जबलपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की हकीकत जानने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जनपद पंचायत कुंडम के अंतर्गत ग्राम पंचायत बीजापुरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत के दस्तावेजों से लेकर जल संरक्षण कार्यों, आंगनवाड़ी, प्राथमिक शाला, मध्यान्ह भोजन और मां की बगिया तक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने तथा कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पंचायत के रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पंचायत में संधारित डिमांड रजिस्टर, मस्टर रोल, पेमेंट बुक सहित अन्य अभिलेखों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों को सभी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से हो सके। वीबी-जी राम जी योजना के तहत जल संरक्षण के लिए बनाए जा रहे लघु तालाबों और मेड़ बंधान कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पर्याप्त जल संग्रहण और किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने पर विशेष जोर दिया।
बच्चों की पढ़ाई और पोषण पर दिया ध्यान
कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को खेल-खेल में हिंदी के अक्षर, गिनती और अंग्रेजी की प्रारंभिक जानकारी देने के निर्देश दिए। इसके बाद शासकीय प्राथमिक शाला बीजापुरी पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों से गणित के जोड़ के सवाल हल करवाए और इकाई-दहाई के आधार पर संख्याओं को जोड़ने की विधि समझी। शिक्षकों को गणित की मूल अवधारणाएं सरल तरीके से समझाने की हिदायत दी।
स्व-सहायता समूह और मां की बगिया का निरीक्षण
प्राथमिक शाला परिसर में कलेक्टर ने लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की महिलाओं से राशन वितरण और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था के संबंध में चर्चा की। उन्होंने राशन वितरण में आने वाली समस्याओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को समय पर निराकरण के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने मां की बगिया में लगाए गए फलदार पौधों की किस्म, संख्या और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पौधों को नियमित खाद-पानी देने, कटाई-छंटाई और उचित देखरेख सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने फलदार पौधों के बेहतर उत्पादन और बाजार में उनकी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर जोर दिया।


