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October 1, 2026
सी टाइम्स
क्राइमराष्ट्रीय

महाराष्ट्र ट्रेन दुर्घटना में 16 प्रवासी मजदूरों की मौत, राजनीति गरम

Maha train accident toll rises to 16, politics heats up.

औरंगाबाद (महाराष्ट्र), 8 मई| महाराष्ट्र के औरंगाबाद में शुक्रवार सुबह एक मालगाड़ी ने रेलवे ट्रैक पर सो रहे प्रवासी मजदूरों के एक समूह को कुचल दिया, जिसमें कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि अपने घरों को लौट रहे मजदूरों के इस समूह के साथ यह दुर्घटना जालना और औरंगाबाद के बीच हुई। ये प्रवासी श्रमिक कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के बीच मध्य प्रदेश में अपने गांव लौटने की कोशिश कर रहे थे।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “दुर्घटना में कम से कम 14 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। एक सरकारी अस्पताल में बाद में दोनों ने दम तोड़ दिया।”

अधिकारी ने कहा कि एक व्यक्ति को मामूली चोट आई है, जिसका औरंगाबाद सिविल अस्पताल में इलाज चल ररहा है।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के जालना और औरंगाबाद के बीच एक मालगाड़ी ने प्रवासी मजदूरों को कुचल दिया।

यह घटना शुक्रवार सुबह 5.22 बजे के आसपास उस वक्त हुई, जब अपने घरों को वापस जा रहे प्रवासी मजदूर रेलवे की पटरियों पर सो रहे थे। दुर्घटना स्थल पर मजदूरों के जूते, भोजन और अन्य निजी सामान पटरी पर पड़े हुए दिखे।

दक्षिण मध्य रेलवे के प्रवक्ता राकेश ने आईएएनएस से कहा, “एक खाली पेट्रोलियम टैंकर ट्रेन (मालगाड़ी) तेलंगाना के चेरलापल्ली से महाराष्ट्र के मनमाड के पास पनवाड़ी जा रही थी। बदनपुर स्टेशन से गुजरने के बाद लोकोपायलट ने कुछ लोगों को पटरियों पर देखा और ट्रेन को नियंत्रित करने की कोशिश करते हुए हॉर्न बजाया, लेकिन जब तक वह ट्रेन को रोक पाता तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने जांच के आदेश दे दिए हैं।”

मिली जानकारी के अनुसार, श्रमिक जालौन से भुसावल और आगे मध्य प्रदेश की ओर जा रहे थे। दिल्ली में रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र के जालना में एसआरजी कंपनी में कार्यरत ट्रेन हादसे के शिकार हुए मजदूर मध्य प्रदेश के उमरिया और शहडोल के निवासी थे।

उन्होंने हादसे में बचे श्रमिक के बयान के हवाले से कहा कि इस समूह ने गुरुवार शाम सात बजे जालना छोड़ दिया था। शुरुआत में बदनपुर तक सड़क पर चले और बाद में औरंगाबाद की ओर ट्रैक पर इन्होंने चलना शुरू किया।

उन्होंने कहा, “लगभग 36 किलोमीटर पैदल चलने के बाद वे थक गए और इनमें से कुछ आराम करने के लिए ट्रैक पर ही बैठ गए। इसके बाद उन्हें नींद आ गई। 14 लोग ट्रैक पर बैठे थे, दो सदस्य ट्रैक के पास और तीन सदस्य ट्रैक से दूर बैठे थे।”

उन्होंने कहा कि हादसे की सूचना मिलते ही नांदेड़ डिवीजन और सरकारी रेल पुलिस (जीआरपी) व स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दुर्घटनाग्रस्त स्थल पर पहुंचे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री पीयूष गोयल और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रवासियों की दुखद मृत्यु पर शोक व्यक्त किया।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र को फटकारते हुए कहा कि जिस तरह से प्रवासियों के साथ बर्ताव किया जा रहा है, उसके लिए सरकार को शर्म आनी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे को लेकर ट्विटर पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “औरंगाबाद, महाराष्ट्र में रेल दुर्घटना के कारण लोगों की मौत की खबर सुनकर अत्यंत पीड़ा हुई। रेल मंत्री पीयूष गोयल जी से बात की और वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।”

रेल मंत्री ने भी ट्वीट कर कहा, “रेलवे ट्रैक पर सो रहे श्रमिकों की मालगाड़ी के नीचे आने के चलते हुई दुखद मौत की खबर मिली। राहत कार्य जारी है और (घटना को लेकर) जांच के आदेश दिए गए हैं। मैं हादसे में मारे गए लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं।”

राहुल गांधी ने कहा, “मालगाड़ी से कुचले जाने से मजदूर भाई-बहनों के मारे जाने की खबर से स्तब्ध हूं। हमें अपने राष्ट्र निर्माणकर्ताओं के साथ किए जा रहे व्यवहार पर शर्म आनी चाहिए। मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”

वहीं, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।

देशव्यापी लॉकडाउन के चलते अंतरराज्यीय बस सेवा, यात्री, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सेवाएं 24 मार्च से निलंबित हैं। ऐसे में कई अन्य शहरों में फंसे हजारों प्रवासी श्रमिकों ने अपने पैतृक स्थानों पर लौटने के लिए पैदल ही यात्रा शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि रेलवे ने एक मई से फंसे हुए प्रवासियों को उनके मूल स्थानों तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलानी शुरू की है। गुरुवार तक रेलवे 201 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला चुका है।

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