नई दिल्ली, 2 अगस्त (आरएनएस) । कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ईडी ने नेशनल हेराल्ड के मुख्यालय दिल्ली में बहादुर शाह जफर स्थित मुख्यालय पर छापा मारा और खबरों के मुताबिक और भी जगहों पर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट जो एजेंसी भारत सरकार की है, वो छापे मार रही है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ऐसा लगता है कि भारत के इतिहास में राजनीतिक प्रतिशोध और राजनीतिक बदले की भावना से ग्रसित होकर इस तरह का कुत्सित काम शायद ही किसी सरकार ने किया हो, जो आज मोदी सरकार कर रही है, ऐसी मिसाल दूसरी कोई नहीं है। आपकी जानकारी के तौर पर ये बताना जरुरी है कि ये दो कंपनियां, यंग इंडिया और एजेएल। यंग इंडिया एक सेक्शन 25 की कंपनी है, जो नोट फॉर प्रॉफिट के लिए बनी है। वहाँ पर प्रॉफिट की कोई गुंजाइश ही नहीं है, उसके डायरेक्टर को ना रेमूनरेशन मिल सकता है, ना प्रॉफिट मिल सकता है, ना डिविडेंड मिल सकता है, वहाँ से कोई भी बेनिफिट नहीं मिल सकता है।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि एजेएल एक पब्लिक इंट्रेस्ट में काम करने वाला न्यूज पेपर है, कमर्शियल ऑर्गेनाइजेशन जिस तरह का बीजेपी पेंट कर रही है, नहीं है। ये दोनों कंपनी के रिकॉर्डेड ट्रांजेक्शन आरओसी पर भी अवेलेबल हैं और तमामों जगहों पर भारत सरकार के पास अवेलेबल हें, इनके टैक्स रिटर्न, इनके आरओसी के डॉक्यूमेंट। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ की गई यह बिल्कुल नकारा नहीं जा सकता है या सत्य सिर्फ एक है कि ईडी भाजपा का इलेक्शन डिपार्टमेंट बन चुका है। भारतीय जनता पार्टी का एक नवनिर्मित फ्रंटल है, एजेंसी बिल्कुल नहीं है, जिसका इस्तेमाल प्रतिशोध की राजनीति के लिए, विपक्ष के लोगों को डराने, धमकाने के लिए, चुनी हुई सरकारों को तोड़ने के लिए, गिराने के लिए और अपने ही लोगों को नियंत्रण में रखने के लिए किया जाता है।लेकिन असलियत एक और भी है कि इस देश का असल मुद्दा महंगाई और बेरोजगारी है और आप कुछ भी कर लीजिए, आप कितनी भी पाबंदी लगाइए, आप कितने भी छापे मारिए, हम उन दो मुद्दों से देश का, जनता का ध्यान भटकने नहीं देंगे, चाहे संसद में हो और चाहे सड़क पर हो, चाहे प्रधानमंत्री का आवास घेरने की बात हो, जो पांच तारीख को हम करेंगे या राष्ट्रपति भवन पर चलने की बात हो।मुद्दे इस देश के बेरोजगारी और कमर तोड़ महंगाई है और उससे हम ध्यान बिल्कुल नहीं भटकने देंगे। ये सारी चीजें ईडी की रेड, ईडी की गिरफ्तारी, इस तरह की प्रतिशोध की भावना, शायद दूसरे लोग डर जाते होंगे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता, हमारे फ्रंटल संगठन और हम डरने वाले बिल्कुल नहीं है। हम लगातार आपसे सवाल आपकी विफलताओं पर, लगातार सवाल जनता की कमर तोड़ महंगाई पर, युवाओं के भविष्य पर जो बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, पूछते रहेंगे।हम इसकी जितनी कड़ी निंदा करें, कम हैं, लेकिन ये सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध से ग्रसित छापे हैं, जो सरकार का नवनिर्मित फ्रंटल ईडी या इलेक्शन डिपार्टमेंट, जैसा भी आपको कहना चाहिए, कर रहा है।ये कहना जरुरी है भारत में जब आजादी का आंदोलन चल रहा था, तो अंग्रेज छापे मारते थे नेशनल हेराल्ड पर, आज मोदी सरकार छापे मार रही है। तो समानताएं दोनों में बिल्कुल एक जैसी हैं, ये असलियत है। कभी अंग्रेज हमें प्रताड़ित करते थे देश की आवाज और देश की बात रखने के लिए, आज मोदी सरकार देश के मुद्दे उठाने के लिए ये कर रही है। ये सच है कि नेशनल हेराल्ड ने लगातार महंगाई पर लिखा है, बेरोजगारी पर लिखा है और अभी जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, सरकार के अपने आंकड़े, 5,422 केस ईडी ने आज तक रजिस्टर किए हैं, जिसमें से 65 प्रतिशत केस मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए हैं और कनविक्शन रेट 0.5 प्रतिशत, 1 प्रतिशत से भी कम है।


