32.9 C
Jabalpur
June 18, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

गुमनाम राजनीतिक चंदे पर EC का शिकंजा, कैश लेने की लिमिट भी तय- कानून मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव

नई दिल्ली 20 Sep. (Rns): चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के लिए एक बार में मिलने वाले नकद चंदे की अधिकतम सीमा 20 हजार रुपये से घटाकर 2 हजार रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही कुल चंदे में नकद की सीमा अधिकतम 20 प्रतिशत या 20 करोड़ रुपये तक सीमित करने की बात भी कही गई है। इसका मकसद चुनावी चंदे को कालेधन से मुक्त करना है।

सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इसे लेकर केंद्रीय विधि मंत्री किरेन रीजीजू को पत्र लिखा है, जिसमें जन प्रतिनिधित्व कानून में कुछ संशोधन की मांग की गई है। आयोग की सिफारिशों का मकसद राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाना है।

आयोग की ओर से यह कदम उस वक्त उठाया गया है, जब हाल ही में उसने 284 ऐसे दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था, जो नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। आयकर विभाग ने हाल ही में कर चोरी के आरोप में ऐसी कई राजनीतिक इकाइयों के ठिकानों पर छापे भी मारे थे।

मौजूदा नियमों के अनुसार, राजनीतिक दलों को 20 हजार रुपये से ऊपर वाले सभी चंदों का खुलासा करना होता है और आयोग के समक्ष इस बारे में रिपोर्ट देनी होती है। सूत्रों ने कहा कि अगर आयोग के इस प्रस्ताव को विधि मंत्रालय की मंजूरी मिल जाती है तो 2000 रुपये से अधिक सभी चंदों के बारे में राजनीतिक दलों को जानकारी देनी होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

आयोग ने यह सिफारिश भी की है कि किसी भी राजनीतिक दल को मिले कुल चंदे में नकद अधिकतम 20 प्रतिशत या 20 करोड़ रुपये होना चाहिए। निर्वाचन आयोग यह भी चाहता है कि चुनावों के दौरान उम्मीदवार चुनाव के लिए अलग से बैंक खात खोलें और सारा लेनदेन इसी खाते से हो। साथ ही चुनावी खर्च के ब्यौरे में इसकी जानकारी भी दी जाए।

अन्य ख़बरें

टेलीग्राम बैन पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित, कहा-प्रोसीजर और इमरजेंसी पावर के इस्तेमाल की होगी समीक्षा

Newsdesk

हज 2026 अब तक की सबसे सफल यात्रा, भारत को मिले दो अवॉर्ड: रिजिजू

Newsdesk

एनएसयूआई जिला अध्यक्षों को नोटिस भेजे जाने पर विश्वास सारंग बोले-राहुल गांधी और खड़गे जिम्मेदार ठहराए जाएं

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading