33.4 C
Jabalpur
June 22, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

कर्नाटक की धारवाड़ सीट: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के लिए करो या मरो की लड़ाई

धारवाड़, 4 मई | उत्तर कर्नाटक में धारवाड़ विधानसभा क्षेत्र केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद प्रह्लाद जोशी के लिए करो या मरो की लड़ाई बन चुका है। यहां विधायक और भाजपा नेता अमृत देसाई कांग्रेस के विनय कुलकर्णी के खिलाफ कड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। आरोप हैं कि जोशी लिंगायत बाहुबली और पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर को उनके पारंपरिक गढ़ हुबली से टिकट देने से इनकार करने वाले नेताओं में से एक थे।

सत्ता विरोधी लहर और अमृत देसाई का कथित अहंकार भाजपा के लिए चिंताजनक है। इसके बावजूद जोशी ने मौजूदा विधायक को इस सीट से टिकट दिलाई थी।

जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि चूंकि कांग्रेस यहां से पूर्व विधायक कुलकर्णी को मैदान में उतार रही है इसलिए भगवा पार्टी के पास देसाई के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

कुलकर्णी धारवाड़ से दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2004 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में और 2013 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में सीट जीती थी।

भाजपा कार्यकर्ता योगीशगौड़ा गौदर की हत्या के एक मामले में 2016 में आरोप लगने के बाद से उन्हें वर्तमान में निर्वाचन क्षेत्र में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। वह जमानत पर बाहर हैं।

सीबीआई ने कुलकर्णी को 2020 में गिरफ्तार किया था। जोशी और भाजपा के स्थानीय नेताओं द्वारा सीबीआई जांच की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय एजेंसी ने 2019 में मामले की जांच शुरू की थी।

कुलकर्णी को सुप्रीम कोर्ट से 2021 में जमानत मिली थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उन्हें धारवाड़ जिले में प्रवेश करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

पूर्व विधायक और उनकी पत्नी शिवलीला, जो उनकी अनुपस्थिति में उनके अभियान की अगुवाई कर रहे हैं, भाजपा की नफरत और उत्पीड़न की राजनीति पर प्रकाश डाल रही हैं और निर्वाचन क्षेत्र में सहानुभूति जुटाने की कोशिश कर रही हैं।

धारवाड़ में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शेट्टर के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद शांत हैं, जिनकी पूरे उत्तर कर्नाटक में बेदाग छवि है और इससे देसाई की संभावनाएं भी प्रभावित होंगी।

भाजपा के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि पूर्व विधायक सीमा मसुती प्रचार से दूर हो गई हैं, जबकि धारवाड़ में कई अन्य नेताओं ने भगवा पार्टी छोड़ दी है।

पूरे उत्तर कर्नाटक में शक्तिशाली लिंगायत समुदाय को परेशान करने वाला एक अन्य कारक यह है कि एक ब्राह्मण जोशी ने दूसरे साथी ब्राह्मण भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष के साथ सांठगांठ कर शेट्टर को सीट देने से किया इनकार किया था।

यदि देसाई धारवाड़ में हार जाते हैं, तो यह जोशी के लिए एक बड़ा झटका होगा।

अन्य ख़बरें

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल मिलने पर छात्रों ने जताई खुशी

Newsdesk

पीएम मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति ने तमिलनाडु अमोनिया गैस लीक मामले पर जताया दुख

Newsdesk

खबर सात

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading