जबलपुर :– खाकी पर यूं तो तमाम तरह के आरोप लगाते रहते हैं लेकिन जबलपुर के ग्रामीण इलाके से खाकी की इंसानियत और मानवीयता से भरा चेहरा सामने आया है। दरअसल सड़क हादसे में घायल होकर तड़प रहे एक मासूम और उसके पिता को डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं मिली तो सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डायल 100 की टीम ने घायलों को अपनी गाड़ी में लादा और सीधे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। पुलिस के दो आरक्षकों सोनू कुमार और राहुल ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए घायलों को अपने हाथों से ही उठाया और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के वार्ड तक ले गए। घायलों की मदद और उन्हें अस्पताल तक ले जाने का वीडियो भी सामने आया है जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि डायल 100 के दो आरक्षक अपने हाथों से घायलों को उठा रहे हैं और उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जा रहे हैं। दरअसल शहपुरा थाना क्षेत्र के जोझी गांव में रहने वाले सूरज नाम का शख्स अपने ढाई साल के बेटे को मोटरसाइकिल पर बैठा कर कहीं जा रहा था इसी बीच वह सोमती पठा नाला के पुल के पास हादसे का शिकार हो गया। हादसे में पिता और बेटे के सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं हादसे का शिकार होने के बाद दोनों बेसुध होकर सड़क पर पड़े रहे, एंबुलेंस को सूचना देने के बावजूद भी डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस जब नहीं पहुंची तो मौके पर पुलिस के दो आरक्षक सोनू कुमार और राहुल देवदूत बनकर पहुंचे और उन्होंने अपनी गाड़ी में दोनों घायलों को लाद कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया।
बाइट – सोनू कुमार – आरक्षक डायल 100
जबलपुर से , वाजिद खान की रिपोर्ट


